बजट-2019: बजट भाषण में बोले वित्त मंत्री, कहा- हमारी सरकार ने महंगाई की तोड़ी कमर

Budget-2019

नई दिल्ली। वित्त मंत्री पीयूष गोयल लोकसभा में अंतरिम बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने बजट भाषण की शुरूआत में आर्थिक सुधार, बैंकिंग, विदेशी पूंजी निवेश और टैक्स सुधार के मोर्चों पर किए गए कामों का ब्योरा दिया। पढ़िए अब तक के बजट भाषण की खास बातें –
Budget-2015: The Finance Minister, who spoke in the budget speech, said- Our government has broken waist of inflation
हमारी सरकार में राज्यों को केंद्र से 10 फीसद ज्यादा पैसा मिल रहा है। क्लीन बैंकिंग के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। जो पैसे नहीं दे रहे थे, वो अब लौटाने लगे हैं या अपना बिजनेस बंद कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनपीए की दर पहले बहुत ज्यादा थी, इस कारण बहुत सारी योजनाएं प्रभावित हुई थी। इस वर्ष वित्तीय घाटा 3.4 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि तीन लाख करोड़ रूपए के एनपीए की रिकवरी हुई है।

बीते चार सालों में किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास किए गए हैं। हमने सबसे तेज गति से विकास करने का काम किया है। हम 2022 तक नया भारत बनाने के लिए अग्रसर हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि भारत विश्व का छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

हमने देश को महंगाई, गरीबी से मुक्ति दिलाई। भारत आज दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना। महंगाई को डबल डिजिट से नीचे लेकर आए। वित्तीय घाटे को नियंत्रण में रखने पर चल रहा काम।

हमारी सरकार ने कमरतोड़ महंगाई की कमर तोड़ दी।

भारत विकास की पटरी पर दौड़ रहा है। साफ, सुथरा और स्वास्थ्य भारत बनाएंगे। दुनिया में देश की साख बढ़ रही है।

वित्त मंत्री अरूण जेटली की अनुपस्थिति में मैं बजट पेश कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैं उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना करना हूं।

लोकसभा चुनाव के पहले पेश हो रहे इस बजट का मूल्य आम बजट से कहीं ज्यादा होगा। अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग के साथ ही कापोर्रेट्स के लिए टैक्स में छूट की घोषणा की जा सकती है। साथ ही कृषि और छोटे उद्योगों के लिए भी राहत पैकेज की घोषणाएं की जा सकती हैं। हालांकि यह बजट महज चार महीने के लिए लेखानुदान है लेकिन गोयल इसमें अधिक घोषणाएं कर परंपराएं तोड़ सकते हैं। गोयल पहले भी कह चुके हैं कि वह परंपराओं से आगे जाएंगे क्योंकि कृषि क्षेत्र और इंतजार नहीं कर सकता। सूत्रों के मुताबिक बजट में आयकर छूट की सीमा मौजूदा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए की जा सकती है। कापोर्रेट जगत कर की उच्च सीमा को 30 से 25 फीसदी करने की मांग करता रहा है उसे भी इस बजट में सरकार से काफी उम्मीदें हैं।

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