क्या भारत ने विश्व कप के लिए ‘गेंदबाजी कोड’ तोड़ लिया है?

bowling code

नई दिल्ली। आॅस्ट्रेलिया को आॅस्ट्रेलियाई धरती पर हराने के बाद इस टीम इंडिया में गजब का उत्साह नजर आ रहा है। यह न्यू जीलैंड के खिलाफ नेपियर वनडे में देखने को मिला जब भारतीय गेंदबाजों ने न केवल उसके बल्लेबाजों की रन गति पर अंकुश लगाया, बल्कि 38 ओवरों में सिर्फ 157 रनों के स्कोर पर ढेर कर दिया। इस कीवी टीम के खिलाफ गेंदबाजी करना उतना आसान भी नहीं था, क्योंकि इसी टीम ने 2019 में ही लगातार 3 मौकों पर (श्री लंका के खिलाफ) 300 से अधिक का स्कोर किया था।
Has India broken the ‘bowling code’ for the World Cup?
शानदार गेंदबाजी की बदौलत ही भारतीय टीम ने बुधवार को न्यू जीलैंड को 8 विकेट से हराया। यहां मोहम्मद शमी की तारीफ करनी होगी, जिन्होंने ओपनरों को सस्ते में पविलियन भेजकर मेजबान टीम की बैटिंग की कमर तोड़ दी। उन्होंने पहले मार्टिन गप्टिल को 5 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड किया, फिर कॉलिन मुनरो को 8 रन के निजी स्कोर पर पविलियन भेजा। उन्होंने तीसरा शिकार मिशेल सैंटनर को बनाया।

शमी की सेंचुरी
मैच में शमी की घातक गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 6 ओवर में सिर्फ 19 रन देकर 3 बल्लेबाजों को आउट किया। इसमें दो ओवर मेडन भी थे। मैन आॅफ द मैच विनर शमी अपने 56वें वनडे में सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज भी बने। उन्होंने इरफान पठान के 59 मैचों के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ा।

शमी के झटकों से कीवी टीम उबरी भी नहीं थी कि दो कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने मोर्चा संभाला और उसका बोरिया बिस्तर बांध दिया। चहल ने जोरदार फॉर्म में चल रहे रोस टेलर और टॉम लाथम को चलता किया तो कुलदीप ने पुछल्ले बल्लेबाजों को आसानी से आउटकर न्यू जीलैंड को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया। उन्होंने 39 रन देकर 4 विकेट लिए, जो न्यू जीलैंड में किसी भी भारतीय की तीसरी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है।

क्यों खास है नेपियर में की गई गेंदबाजी
नेपियर में की गई टीम इंडिया की गेंदबाजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसके दो अहम खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या टीम में मौजूद नहीं है। बुमराह को आराम दिया गया है, जबकि पंड्या एक विवादित बयान की वजह से निलंबित हैं। शमी, चहल और कुलदीप के अलावा विजय शंकर, भुवनेश्वर कुमार और केदार जाधव के रूप में 3 अन्य गेंदबाज टीम में थे। उन्होंने भी अच्छा किया। इस प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि विश्व कप के लिहाज से टीम इंडिया का गेंदबाजी पक्ष मजबूत है।

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