सारदा चिटफंड घोटाला: भाजपा ने की ममता बनर्जी सरकार की आलोचना, बताया तानाशाही

sarada chitaphand ghotaala

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह शासन प्रणाली और लोकतंत्र का मखौल उड़ा रही है। कोलकाता पुलिस के अपने कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने से सीबीआई को रोके जाने के बाद बीजेपी की यह प्रतिक्रिया आई है। पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार की कार्रवाई संवैधानिक व्यवस्था पर सीधा हमला है और यह मुख्यमंत्री के तानाशाह रवैये को प्रदर्शित करता है।
sarada chitaphand ghotaala: bhajapa ne kee mamata banarji sarakar kee alochana, bataya tanashahi
बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, कोलकाता का घटनाक्रम और सीबीआई जांच का प्रतिरोध हैरतअंगेज एवं अभूतपूर्व है तथा यह ममता के तानाशाह रवैये को प्रदर्शित करता है। उन्होंने उस संविधान का उल्लंघन किया है, जिसकी उन्होंने शपथ ली थी। राव ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चिटफंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआई का जिक्र करते हुए कहा कि नगर पुलिस की कार्रवाई शीर्ष न्यायालय की अवज्ञा है।

‘पश्चिम बंगाल की स्थिति कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का संकेत’
बीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता नलिन कोहली ने राज्य में इस स्थिति को अभूतपूर्व बताया और कहा कि यह कानून व्यवस्था के पूरी तरह से ध्वस्त होने का संकेत है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि ममता बनर्जी के तहत राज्य सरकार संवैधानिक उपयुक्तता की दृष्टि खो चुकी है। लोग देख सकते हैं कि शासन प्रणाली, लोकतंत्र और संवैधानिक प्रोप्रायटी का क्या माखौल उड़ाया जा रहा है। राव ने कहा कि राज्य सरकार लंबे समय से अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक कार्य में संलिप्त है और कोलकाता पुलिस की रविवार की कार्रवाई ने सारी हदें पार कर दी।

‘सबूतों को मिटाने की हुई कोशिश’
बता दें कि चिटफंड घोटाले में कोलकाता कमिश्नर राजीव कुमार की संलिप्तता को लेकर पूछताछ करने पहुंची सीबीआई टीम को हिरासत में लेने के बाद बवाल बढ़ने पर शेक्सपियर सारणी पुलिस स्टेशन से सभी अधिकारियों (सीबीआई) को छोड़ दिया गया। घोटाले के केस को लेकर अंतरिम सीबीआई चीफ एम नागेश्वर ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘उनके (राजीव कुमार) खिलाफ सबूत हैं। उन्होंने सबूतों को मिटाने और कानून में बाधा डालने की कोशिश की है।’

Leave a Response