सरकारी चैनल दूरदर्शन चुनावी कवरेज को लेकर इस बार सवालों के घेरे में

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नई दिल्ली। सरकारी चैनल दूरदर्शन चुनावी कवरेज को लेकर इस बार सवालों के घेरे में है जिसके चलते चुनाव आयोग ने भी सख्ती दिखाई है। आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कहा कि वह दूरदर्शन को दिशा-निर्देश जारी करे कि कवरेज के दौरान राजनीतिक दलों से किसी तरह का भेदभाव न किया जाए। दरअसल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाए थे कि दूरदर्शन ने भाजपा के मैं भी चौकीदार कार्यक्रम को लाइव दिखाया था। चुनाव आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को लिखा कि उनकी निगरानी समिति की रिोर्ट के मुताबिक दरदर्शन ने अपने न्यूज और क्षेत्रीय चैनलों में भाजपा की चुनावी कवरेज 160 घंटे दिखाई जबकि कांग्रेस को सिर्फ आधे समय यानी 80 घंटे से ही दिए गए।

आयोग ने कहा कि यह रिपोर्ट प्रसारण अवधि न्यूज कार्यक्रम और भाषण, रैली आदि की लाइव और रिकॉर्डेड कवरेज मिलाकर तैयार की गई है। आयोग ने कहा कि चुनाव संहिता कहती है कि सबको बराबर मौका मिलना चाहिए किसी कम या ज्यादा नहीं। वहीं दूरदर्शन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भाजपा केंद्र में सत्तारूढ़ है, साथ ही उसकी 16 राज्यों में भी सरकार है, इसी कारण उनके ज्यादा कार्यक्रम और रैलियां होती हैं।

उल्लेखनीय है कि भाजपा के ह्यमैं भी चौकीदार कैंपेन का 31 मार्च को आयोजन किया गया था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 500 जगहों पर लोगों को संबोधित किया था। दूरदर्शन ने भाजपा के इस लाइव कार्यक्रम को करीब 85 मिनट तक दिखाया था, इस पर कई विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी और इसकी शिकायत चुनाव आयोग को की थी।

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