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सीधी बस हादसे के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। आरटीओ नियमों का उल्लंघन कर एक गेट वाली चार्टर्ड बस को परिमिट दे रहा है, जिससे दुर्घटना होते समय यात्रियों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता। चार्टर्ड बस वाले यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर छोटी सड़कों पर भी ओवरटेक करने से नहीं चूकते जिससे सड़क दुर्घटना हो जाती ऐसा ही एक मामला होशंगाबाद और हरदा के बीच हुआ। होशंगाबाद और हरदा के बीच डोलरिया ग्राम के पास चार्टर्ड बस की एक बस दुर्घटना हुई है जिसमें एक गेट होने की वजह से बड़ी मुश्किल से यात्रियों को कांच तोड़कर बाहर निकाला गया, खिड़कियों की अधिक ऊंचाई से कूदने में भी कई यात्रियों को चोट पहुंची है।
आरटीओ अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन गाड़ियों को जो परमिट दिए गए हैं वह बहुत स्पीड में चलाए जाने के लिए हैं जो की दुर्घटना का मुख्य कारण है। यह गाड़ियां आगे वाली कई बसों को ओवरटेक करती हुई चलाई जाती हैं जोकि निश्चित ही यात्रियों की जान के लिए खतरनाक है। कई दिन से मध्य प्रदेश के कई बस मालिक इनके एक गेट की गाड़ी होने की शिकायत निरंतर करते हुए चले आ रहे हैं पर अकेले इस कंपनी पर परिवहन विभाग कुछ विशेष मेहरबान है क्योंकि इनकी गाड़ियों के अलावा सभी गाड़ियों में यात्रियों के चढ़ने उतरने के लिए अलग-अलग गेट हैं जो नियम में प्रावधान है। सिंगल गेट की बसों को परमिट देने वाले तथा फिटनेस करने वाले परिवहन अधिकारियों के विरुद्ध यात्रियों की जान से खिलवाड़ किये जाने का फौजदारी प्रकरण दर्ज होने चाहिए।

