चुनावी दंगल में इंटरनेट मीडिया पर नेताओं के बदले रंग, छलक रहा दर्द

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भोपाल। टिकट वितरण के बाद नाराज नेताओं का रंग और जुबान बदल गई है। टिकट न मिलने पर कोई इंटरनेट मीडिया पर शायरी तो कोई इस्तीफा देकर विरोध दर्ज कराने के साथ दूसरी पार्टी ज्वाइन कर मैदान में उतर गया है। राजनीतिक दल के इन नेताओं के रंग बदलते व्यवहार को देख आमजन की मुशिकल बढ़ गई है। उसे यह तय करना मुशिकल हो रहा है कि वह पहले सच बोल रहा था कि अब सच बोल रहा है।
चुनावी दंगल में इस बार पार्टी बदलने और उनके बयानों का देख लोग दुविधा में है। भाजपा और कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद से ही घमासान मचा है। भिण्ड में बसपा में भाजपा में गए संजीव सिंह ने टिकट न मिलने पर इंटरनेट मीडिया पर कुछ इस तरह विरोध दर्ज कराया। उन्होंने लिखा दुखों के घेरे में भी मुस्कान लाएं, हार को आओ फिर भुलाएं जीवन के पथ पर अटल रहें, असंभव को भी संभव बनाएं, क्योंकि हारा वही जो लड़ा नहीं भिण्ड की सेवा का व्रत जनता के आशीष से चलेगा अनवरत। इधर ग्वालियर ग्रामीण में कांग्रेस से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे केदार कंसाना ने टिकट न मिलने पर फेसबुक पर कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने का मैसेज डालकर विरोध दर्ज कराया।
कुलदीप सिकरवार सुमावली
कांग्रेस ने सिकरवार को सुमावली विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किया था। यहां कांग्रेस ने दोबारा अजब सिंह कुशवाह पर भरोसा जताते हुए कुलदीप सिकरवार का टिकट काट दिया। ऐसे में कुलदीप ने इन पंक्तियों सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए इंटरनेट मीडिया पर लिखकर विरोध दर्ज कराया।
पूर्व विधायक मुकेश चौधरी
मेहगांव से पूर्व विधायक मुकेश चौधरी भाजपा से टिकट मांग रहे थे, लेकिन भाजपा ने उनको टिकट नहीं दिया। ऐसे में वह जनता के सामने रो पड़े। इंटरनेट मीडिया पर उनका यह बदलाव का रंग जमकर वायरल हुआ। गणेशी लाल नायक पृथ्वीपुर भाजपा से निवाड़ी की पृथ्वीपुर विधानसभा से दावेदारी करने वाले गणेशी लाल नायक ने इंटरनेट मीडिया पर इन पंक्तियों रात अंधेरी है तो क्या हुआ, सूर्य उदय तो निश्चित है। मैं अपनों के साथ हमेशा था हमेशा हूं और अंतिम सांस तक रहूंगा। लिखकर अपना दर्द बयां किया।