चंडीगढ़ में 36 साल पुरानी कॉलोनी तोड़ी:2 घंटे में 450 घरों पर चला बुलडोजर; क्रॉस लगे 4 मकान छोड़े, प्रशासन बोला- जमीन डेवलप करेंगे

0
97

TIO चंडीगढ़

चंडीगढ़ की शाहपुर कॉलोनी में घर तोड़ती जेसीबी और रोष जताते लोग। क्रॉस लगे घरों को नहीं तोड़ा गया है। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़ की शाहपुर कॉलोनी में घर तोड़ती जेसीबी और रोष जताते लोग। क्रॉस लगे घरों को नहीं तोड़ा गया है।

चंडीगढ़ के सेक्टर-38 वेस्ट स्थित 36 साल पुरानी शाहपुर रिहायशी कॉलोनी पर प्रशासन ने एक्शन लिया। मंगलवार सुबह भारी मात्रा में पुलिसबल के साथ प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कॉलोनी में बने घरों को बुलडोजर से तोड़ डाला। सुबह साढ़े 8 बजे तक ज्यादातर घर रेत, ईंट और पत्थर के ढेर में तब्दील हो गए थे।

कॉलोनी में करीब साढ़े चार सौ घरों पर कार्रवाई हुई। हालांकि, जिन 4 लोगों को कोर्ट से स्टे मिला हुआ है, उनके घरों को नहीं तोड़ा गया। उन पर पहले से ही क्रॉस का निशान लगा दिया गया है, ताकि बुलडोजर चलाने वालों को पता चल सके कि ये घर नहीं तोड़ने हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई पर लोगों में भी रोष है। इन लोगों में ज्यादातर प्रवासी हैं। उनका कहना है कि त्योहारों के मौसम में कार्रवाई गलत है। प्रशासन ने उनके साथ धोखा किया है। अब अपने परिवार को लेकर कहां जाएंगे?

प्रशासन की कार्रवाई के PHOTOS…

चंडीगढ़ में कॉलोनी को हटाने की कार्रवाई की गई।
चंडीगढ़ में कॉलोनी को हटाने की कार्रवाई की गई।
घर टूटने के बाद लोग अपना सामान निकालते हुए।
घर टूटने के बाद लोग अपना सामान निकालते हुए।
जिन लोगों के मामले में अदालत में है, उनके घरों पर क्रॉस का निशान लगाया है। इन्हें आज नहीं गिराया जा रहा है।
जिन लोगों के मामले में अदालत में है, उनके घरों पर क्रॉस का निशान लगाया है। इन्हें आज नहीं गिराया जा रहा है।

कार्रवाई पर क्या कहते हैं लोग…

  • सर्वे हुआ, लेकिन कुछ नहीं मिला: कॉलोनी के निवासी प्रमोद का कहना है कि कहा उनका घर इसी कॉलोनी में था। वह सालों से यहां रहे हैं। 2006 में सर्वे हुआ था। उनकी तरफ से सारे कागज सेक्टर-42 में जमा करवाए गए। उनके घर के 4 वोट हैं, जो सालों से यहीं पर डाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता की मौत यहीं हुई। अब घर को गिरा दिया गया।
  • किराए पर भटकने को हो गए मजबूर: संजय ने बताया कि वह 22 सालों से यहां रह रहे हैं। अब उन्हें किराए पर घर लेकर रहना पड़ेगा या भटकेंगे। जब उनसे पूछा गया कि सर्वे में उनका नाम था या नहीं तो उन्होंने कहा कि प्रशासन ने वही चीजें मांगीं, जो हमारे पास नहीं हैं।
  • बच्चे सड़कों पर रहेंगे तो कौन जिम्मेदार: राधा नाम की महिला ने कहा- जब मेरे बच्चे रोड पर रहेंगे तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? सरकार कहती है कि हम बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ करेंगे। यह क्या चलाएंगे? गरीब को हटा रहे हैं। दुनिया लूटपाट, चोरी-डकैती करेगी।
प्रशासन की कार्रवाई पर एतराज जताता एक युवक।
प्रशासन की कार्रवाई पर एतराज जताता एक युवक।

लोगों को पहले दिए थे नोटिस कार्रवाई से पहले करीब 2 सप्ताह पहले एस्टेट ऑफिस के इंफोर्समेंट विंग ने कॉलोनी में ढोल बजाकर मुनादी करवाई थी और झुग्गियों पर नोटिस चस्पा किए थे। प्रशासन ने 30 सितंबर तक कॉलोनी को खाली करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद आज कार्रवाई की गई है।

यूटी सचिवालय में हुई बैठक के बाद डीसी निशांत यादव ने लिखित आदेश जारी किए। इसके तहत 4 जेसीबी, 10 ट्रक और 200 मजदूर मौके पर पहुंचे थे। चीफ इंजीनियर को कार्रवाई की कमान सौंपी गई। जबकि एसडीओ और जेई भी मौजूद रहे।

200 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहे जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई के दौरान SSP को 4 डीएसपी, महिला कॉन्स्टेबल और 200 पुलिसकर्मी मौके पर तैनात करने के निर्देश दिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग को 4 एम्बुलेंस मौके पर तैनात करने का आदेश दिया था। प्रशासन का कहना है कि कॉलोनी को तोड़ने के बाद अब जमीन को विकसित किया जाएगा।