भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड भी अपने प्रत्याशियों को तैयार कर रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने प्रदेश अध्यक्ष सूरज जायसवाल को 25 अक्टूबर को पटना बुलाया है। इस दौरान चुनावी रणनीति पर भी चर्चा होगी। बैठक में नीतीश कुमार के साथ चुनावी रणनीतिकार एवं पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर भी मौजूद रहेंगे। जदयू प्रदेश में 150 उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। जनता दल यू भी प्रदेश में चुनावी रणनीति बनाने में जुटा है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि उसके साथ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के असंतुष्ट लोग भी जुड़ गए हैं।
JDU will also fight in UP, Nitish Kumar and Prashant Kishor’s strategy
जदयू ने सभी जिलों में संगठन से जुड़े लोगों को चुनाव के लिए सक्रिय किया है। जायसवाल का कहना है कि पार्टी अपने प्रत्याशियों की पहली सूची 23 अक्टूबर को जारी करेगी। उन्होंने बताया कि जदयू की प्रदेश में छोटे दलों से गठबंधन को लेकर भी बातचीत चल रही है। इनमें भारतीय शक्ति चेतना और अपना दल भी शामिल हैं।
प्रदेश की चुनावी तैयारियों और रणनीति के संदर्भ में नीतीश कुमार के साथ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर प्रदेश इकाई को जरूरी टिप्स देंगे। जायसवाल ने बताया कि इस दौरान नीतीश कुमार के मप्र में दौरा कार्यक्रम को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जदयू ने खासतौर पर प्रदेश के महाकौशल, विंध्य, बुंदेलखंड और नर्मदांचल में प्रत्याशी उतारने की रणनीति बनाई है। सांची, भोजपुर, विदिशा, रतलाम और झाबुआ सीट पर जदयू ने अपने उम्मीदवारों को उतारने का निर्णय किया है।
छोटे दलों से चर्चा
सहयोगी दलों के साथ पार्टी पदाधिकारियों की बैठक 22 अक्टूबर को बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि छोटे दलों के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा की जाएगी। झाबुआ और रतलाम जिले में समाजवादी पार्टी का प्रभाव रहा है, यह अंचल मामा बालेश्वर दयाल का कर्मक्षेत्र भी रह चुका है इसलिए जदयू को उम्मीद है कि उसे आदिवासी इलाकों में जनाधार मिल सकता है।
150 प्रत्याशियों को उतारेगा जदयू
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष जायसवाल ने बताया कि उनकी पार्टी मप्र में इस बार करीब 150 प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारने का मन बना रही है। चुनावी परिदृश्य और भावी तैयारियों के संदर्भ में पटना (बिहार) में 25-26 अक्टूबर को चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ चर्चा होगी। इसके अलावा प्रदेश की ऐसी सीटों को भी चिन्हित किया जा रहा है जहां जदयू को बेहतर संभावनाएं नजर आ रही हैं।

