इश्क़ का इक़रार ज़ुबां पे आने दो,
बात दिल की, दिल में ना रह जाने दो,
ख़ूबसूरत लगने लगेगा ये जहां भी,
रूह में इश्क़ को ज़रा समाने दो,
बिन कहे ही सब कह जाती है यह,
आँखों को आँखों से अब मिलाने दो,
जो करता हो फ़िक्र दिल से तुम्हारी,
ज़िंदगी से उसे ना कभी तुम जाने दो,
मुस्कान लबों पर ख़ुद-ब-ख़ुद आएगी,
फ़क़त ख़्वाबों में ज़रा मुझे आने दो।

रमनदीप सिंह सेहगम, दिल्ली
क्षितिज ..व्येर ड्रीम्स मीट रिएलिटी एक साहित्यिक संस्था है जो श्रीमती रंजीता अशेष के द्वारा युवा कवियों के लिए बनाई गई है ।
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