नरसिंहपुर। महाकौशल क्षेत्र में आने वाला नरसिंहपुर जिला बीजेपी का गढ़ माना जाता है. यहां की चारों सीटों पर इस समय बीजेपी के नेता काबिज हैं. वहीं बात करें पार्टी द्वारा जारी सूची में प्रत्याशियों के नाम पर तो इस मामले में बीजेपी कहीं न कही पिछड़ती नजर आ रही है.
Candidates unable to fix breath of BJP stuck in these seats
बता दें बीजेपी अपनी पहली सूची में जिले की दो सीटों पर बीजेपी ने अपने प्रत्याशी उतार दिए लेकिन दो सीटे गाडरवारा और तेंदूखेड़ा में प्रत्याशी उतारने में पार्टी कई असमंजस में डूबी हुई है. हालांकि पिछले चुनाव में तेंदूखेड़ा से संजय शर्मा और गाडरवाड़ा से गोविंद सिंह पटेल ने जीत हासिल की थी.
गोविंद सिंह का टिकट कटना तय
गाडरवारा विधानसभा सीट से बीजेपी के गोविंद सिंह पटेल विधायक हैं. वह यहां से दो मर्तबा विधायक रह चूके है पर अधिक उम्र होने के कारण उनका टिकट कटना लगभग तय माना जा रहा है. इस सीट पर जातिगत समीकरण अहम है, यहां 35 हजार किरार जाति और 15 हजार लोधी वोट हैं. इसीलिए बीजेपी यहां से इसी वर्ग के प्रत्याशी को ही उतारने के संकेत दे रही है. बहरहाल यहां पर वीरेंद्र फौजदार का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है. वह केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष है और इस विधानसभा में सक्रिय है.
तेंदूखेड़ा से मुलायम भैया लगा रहे जोर
वहीं तेंदुखेडा जिले की हाइप्रोफाइल सीट है. विधायक संजय शर्मा के कांग्रेस में शामिल होने से यहां नये समीकरण पनप रहे हैं. पिछले चुनाव में संजय शर्मा को 64.11 फीसद वोट मिले थे लेकिन इस बार वह कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. यहां से मुलायम भैया अपनी दावेदारी ठोक रहे है. गौर करने वाली बात यह है कि वह टिकट के लिए ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए है.
इसके अलावा वह किसान नेता के तौर पर भी जाने जाते हैं. दूसरा नाम क्षेत्रीय सांसद राव उदय प्रताप सिंह का है. वह यहां से 2008 में विधायक चुने गये थे और उन्होंने संजय शर्मा को ही हराया था. इसीलिए क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई में वह भी यहां से प्रत्याशी के तौर पर उतारे जा सकते है.

