नई दिल्ली। 48 घंटों में दिल्ली का तापमान तेजी से गिरा है और हवा की स्पीड में भी कमी दर्ज की गई, जिसके चलते गुरुवार को दिल्ली की एयर क्वॉलिटी काफी खतरनाक रही। दिवाली के अगले दिन हवा कई तरह के प्रदूषक तत्वों की कॉकटेल बन गई थी। सिस्टम आॅफ एयर क्वॉलिटी ऐंड वेदर फोरकास्टिंग(सफर) के मुताबिक, 500 से ज्यादा की रीडिंग के साथ गुरुवार को हवा की क्वॉलिटी ‘सेवर प्लस’ यानी गंभीर रूप से खतरनाक प्लस की श्रेणी में थी। हालांकि सफर का अनुमान है कि हवा की रफ्तार बढ़ने से अगले दो दिनों में हवा ‘बेहद खराब’ की कैटेगरी में लौट आएगी।
Air quality will come from today, improvements will take place.
दिवाली के जश्न के बाद आधी रात दिल्ली ‘हांफती’ रही। रात 11 बजे से सुबह 3 बजे के बीच प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा दर्ज हुआ। रात 1 बजे यह सबसे ज्यादा था। 2 बजते-बजते धुएं की चादर इतनी मोटी हो गई कि प्रदूषक तत्व उसमें तेजी से घुलने लगे और एयर क्वॉलिटी इंडेक्स गिरता चला गया। हालांकि, 8 नवंबर की दोपहर से इसमें थोड़ा सुधार आने लगा। सफर के अनुमान के मुताबिक, शुक्रवार को एयर क्वॉलिटी इंडेक्स सुधरकर 398 तक पहुंच सकता है और शनिवार को और सुधार के साथ इसके 361 तक पहुंचने की उम्मीद की जा सकती है, जो ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आते हैं।
शुरूआती पूवार्नुमानों में कहा गया था कि अगर दिल्ली में 2017 के मुकाबले आधे पटाखे भी फोड़े जाते हैं तो हवा की क्वॉलिटी खतरनाक की कैटिगरी में रहेगी। सफर के एक वैज्ञानिक ने कहा, ‘हवा में नमी अब सामान्य स्तर पर आ गई है और इसकी होल्डिंग क्षमता कम हो गई है। हवा की दिशा भी दक्षिण-पश्चिमी हो गई है लेकिन इनवर्शन लेयर अब भी नीचे है, जिसकी वजह से पार्टिकुलेट मैटर इकट्ठा हो जाते हैं। अगर ताजा प्रदूषक तत्व नहीं पैदा होते और सतही हवा की गति बढ़ती है तो शुक्रवार को हवा की क्वॉलिटी में सुधार आ जाएगा।’
इसी बीचे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने कहा कि एयर क्वॉलिटी पर लगातार नजर रखी जा रहरी है। उन्होंने आगे कहा, ‘हमें आशंका थी कि हवा की क्वॉलिटी फिर खतरनाक की कैटिगरी में पहुंच जाएगी, यही वजह है कि 8 से 10 नवंबर के बीच दिल्ली में ट्रकों की एंट्री बैन की गई है। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और अगर लंबे समय तक ऐसी ही स्थिति रहती है को अतिरिक्त उठाए जाने को लेकर इमर्जेंसी मीटिंग बुलाई जा सकती है।’

