नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में एयर पलूशन का आलम यह है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित इन्वाइरनमेंट पलूशन (प्रिवेंशन ऐंड कंट्रोल) अथॉरिटी यहां पेट्रोल-डीजल से चलने वाली सभी गाड़ियों को सड़कों से हटाने पर विचार कर रहा है। इस बीच मंगलवार को भी दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है।
The quality of air in Delhi is very bad, it will not be possible even with rain
दिल्ली में तो कुछ जगहों पर पीएम10 का स्तर 650 से ज्यादा है। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार और बुधवार को हल्की बारिश का अनुमान है। मंगलवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में बादल भी छाए हुए हैं और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी की रिपोर्ट है। हालांकि बुरी खबर यह है कि हल्की बारिश भी प्रदूषण से कुछ खास राहत नहीं देगी।
दिल्ली-एनसीआर में हवा खतरनाक
दिल्ली में मंगलवार को हवा और खराब हो गई है। सोमवार को जहां राष्ट्रीय राजधानी में ज्यादातर जगहों पर हवा में पीएम2.5 का स्तर करीब 399 के आस-पास रहा, वहीं मंगलवार को यह ज्यादातर जगहों पर 400 के स्तर से ऊपर है। सोनिया विहार में सुबह 9 बजे पीएम10 का स्तर 685 और पीएम2.5 का स्तर 559 रहा, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
इसी तरह आनंद विहार में सुबह 9 बजे पीएम10 और पीएम 2.5 का स्तर क्रमश: 493 और 438 रहा। पीएम10 का स्तर मयूर विहार में 399, आरके पुरम में 311 तो शाहदरा में 541 है। बात अगर दिल्ली-एनसीआर के दूसरे प्रमुख शहरों की करें तो सुबह 8 बजे गाजियाबाद में पीएम2.5 का स्तर 551, गुरुग्राम में 353 और फरीदाबाद में 455 रहा।
खास बात यह है कि दिल्ली में पराली के प्रदूषण में कमी आई है। सफर एजेंसी का आकलन बताता है कि पराली का प्रदूषण दिल्ली में सोमवार को सिर्फ 7 फीसदी रहा। ऐसे में यह साफ है कि प्रदूषण की ज्यादातर वजह दिल्ली की अपनी ही हैं। पूवार्नुमानों में भी दिल्ली में हल्की बारिश की बात कही जा रही है, लेकिन प्रदूषण से बहुत अधिक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
बारिश से भी बहुत भला नहीं होने वाला
अगर मंगलवार को बारिश हुई भी तो दिल्ली-एनसीआर में इसका असर रात से ही दिखेगा। छठ पर आतिशबाजी की भी संभावना है। सफर के पूवार्नुमान के अनुसार, मंगलवार को हवा में कुछ सुधार आ सकता है, लेकिन प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में रहेगा। हालांकि प्रदूषण का स्तर पूवार्नुमान से ज्यादा है। हवाओं की स्पीड थोड़ी बढ़ेगी। नमी अधिक रहेगी।
आईएमडी का पूवार्नुमान भी बहुत राहत नहीं बता रहा। मंगलवार को हवाओं की स्पीड 5 किलोमीटर प्रति घंटे का अनुमान व्यक्त किया गया है। हवाएं वेस्ट और नॉर्थ वेस्ट से आएंगी। 14 नवंबर को हवाएं ईस्ट से आएंगी। स्पीड 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे ही रहेगी। मिक्सिंग हाइट 1100 से 1400 मीटर पर रहेगी। इसकी वजह से प्रदूषक तत्व तेजी से कम नहीं हो पाएंगे।
वैसे पराली जलाने के मामलों में 11 नवंबर को कमी है। 13-14 नवंबर को हवा बेहद खराब स्थिति में रहेगी। स्काईमेट के पूवार्नुमान के अनुसार, सोमवार से जम्मू-कश्मीर के पास एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस ऐक्टिव हुआ है। 13-14 नवंबर को हल्की बारिश की उम्मीद है। लेकिन बारिश काफी कम होगी। इससे प्रदूषण साफ नहीं होगा। 15 नवंबर को उत्तर पश्चिमी मध्यम हवाएं दिल्ली पहुंचेंगी। उनसे प्रदूषण में कुछ कमी आ सकती है। ईपीसीए के अनुसार, 1 नवंबर से दिल्ली में सख्त कदम उठाए गए हैं। ऐसे में कुछ समय के लिए राहत देना जरूरी लग रहा है। कुछ दिनों बाद दोबारा सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

