रेलवे यात्रियों को सुविधाएं नहीं आ रहीं रास, 15 दिन में ही चोरी कर लिया करोड़ों का सामान

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मुंबई। पुणे से मुंबई के बीच चलने वाली प्रगति एक्सप्रेस को हाल ही में अपग्रेड किया गया था। इस ट्रेन की आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा को उत्कृष्ट योजना के तहत अपग्रेड किया गया था, लेकिन आदत से मजबूर यात्रियों को रेलवे की सुविधाएं रास न आई। ढाई महीने में तैयार की गई पूरी ट्रेन में ये सुविधाएं 15 दिन भी नहीं टिकीं। इस ट्रेन के शौचालयों से टोंटियां और कांच गायब हो रहे हैं।
The railway passengers are not getting the facilities, the stolen goods in 15 days only
60 लाख रुपये खर्च करके जो सुविधाएं मुहैया कराई गई थीं, उन्हें अपनी संपत्ति समझकर गायब कर दिया गया है। कुल मिलाकर उत्कृष्ट उत्पाद में यात्रियों ने उत्पात मचा दिया। प्रगति एक्सप्रेस के इस रेक को पुणे कोचिंग डिपो में तैयार किया गया था। इसका काम 15 अगस्त को शुरू किया गया था और पिछले 4 नवंबर को इसे मुंबई-पुणे प्रगति एक्सप्रेस में जोड़ा गया। प्रगति एक्सप्रेस सहित मध्य रेलवे की 5 ट्रेनों को उत्कृष्टबनाया जाएगा।

रेलवे की संपत्ति, यात्रियों को आपत्ति
ट्रेनों से सामान चोरी करना सामान्य बात हो गई है लेकिन स्टेशनों पर भी ऐसी ये वारदात आम हो चुकी हैं। मध्य रेलवे के मुंबई डिविजन में ही रोजाना लगभग सौ टोंटियां चोरी होती हैं। आरपीएफ द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2016 से अक्टूबर 2018 तक देशभर में रेलवे की संपत्ति चुराने की 17,722 घटनाएं हुई हैं। इसकी कीमत 8 करोड़ 68 लाख रुपये है।

शौचालयों में लगी सुविधाओं के अलावा वातानुकूलित डिब्बों से चादर, कंबल और नैपकिन गायब होने की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। एक अधिकारी ने बताया कि वर्कशॉप में इन सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए कर्मचारी जी-तोड़ मेहनत करते हैं। नए-नए आइडिया लाते हैं, लेकिन इस तरह की हरकतों से काम करने वालों का मनोबल गिर जाता है।

ये सामान गायब:
लंबी टोंटी–28
एक्रिलिक प्लेट–19
मोबाइल होल्डर–3
रॉलर पर्दे–7
कांच के लिए फ्रेम–8
नल रखने वाला होल्डर–25
दो साइड वाली टोंटी–1
उत्कृष्ट का लोगो–1
स्टील के डस्टबिन–16
इसके अलावा ब्रेल लिपि के स्टिकर्स और टाइलें भी गायब हैं।