अमरावती। आंध्र प्रदेश में मामलों की जांच के लिए सीबीआई से आम सहमति सरकार पहले ही वापस ले चुकी है। अब मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू आम चुनाव से पहले आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियों की शक्तियों को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की योजना बना रहे हैं। टीडीपी सूत्रों ने कहा कि नायडू ने पहले से ही टीडीपी के वरिष्ठ नेताओं और कानूनी सलाहकारों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है।
Naidu will go to Supreme Court to reduce the powers of central agencies like ED
टीडीपी के एक सांसद ने बताया कि सभी गैर-बीजेपी दलों के साथ इसे लेकर एक कार्यक्रम का खाका दिल्ली में तैयार किया जाएगा। एक बार इसके तैयार हो जाने के बाद, पार्टियां सभी केंद्रीय एजेंसियों को केंद्र सरकार के राजनीतिक एजेंडे का साथ देने से रोकने के लिए आगे आएंगी। इसके बाद पार्टियों के साथ एक और परामर्श किया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी और सर्वसम्मति हुई, तो पार्टियां सुप्रीम कोर्ट जाएंगी।
नायडू सरकार के पास प्लान बी भी
टीडीपी के सदस्य और कृषि मंत्री सोमदेदी चंद्रमोहन रेड्डी ने रविवार को बताया, ‘हमने कानूनी सहारा लेने सहित कई योजनाएं तैयार की हैं। हम आवश्यकता के आधार पर योजना बी पर स्विच करेंगे।’ बता दें, टीडीपी नेताओं के खिलाफ आईटी विभाग द्वारा हालिया छापेमारी में अभी तक कोई निर्णायक साक्ष्य नहीं मिला है, उनमें से कई कहते हैं कि अचानक टैक्स अधिकारी उनके दरवाजे पर पहुंच गए।
इस कदम में चंद्रबाबू नायडू के वे आरोप भी शामिल हैं कि केंद्र में एनडीए सरकार केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से उन्हें डराने और चुनाव से पहले उन्हें कमजोर करने के लिए विपक्षी नेताओं को टारगेट कर रही है। केंद्रीय एजेंसियों को किसी भी चुनाव से छह महीने पहले विपक्षी नेताओं पर छापेमारी करने से रोकने के लिए नायडू सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं।
इस मसले पर ममता बनर्जी से भी मीटिंग
एक और वरिष्ठ टीडीपी नेता ने कहा, ‘यह किसी से छुपा नहीं है कि आईटी विभाग ने हमारे एनडीए से अलग होने के बाद से ही हमारे सांसद सीएम रमेश, विधायक पोथुला रामाराव और पूर्व विधायक बीदा मस्तान राव सहित टीडीपी नेताओं के स्वामित्व वाले व्यावसायिक ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी। सोमवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने जा रहे नायडू उनके साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं।

