सरताज के ताज की शोभा बढाने पहुंचे सिंधिया …

0
293

ब्रजेश राजपूत की ग्राउंड रिपोर्ट

जब सुबह भोपाल से ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हैलीकाप्टर में उडे थे तो जिस जगह पर जाकर कुछ जानने की बेसब्री थी वो जगह थी इटारसी जहां कांग्रेस प्रत्याशी सरताज सिंह के समर्थन में सभा थी। मगर इटारसी के पहले पहुंचे सिवनी मालवा जहां पर हजारीप्रसाद रघुवंशी के बेटे ओम रघुवंशी कांग्रेस की ओर से मैदान में है। मंच से पहले ही नब्बे से उपर की उमर के हजारीदादा ने सिंधिया का स्वागत किया तो सिंधिया भी उनका हाथ पकड धीरे धीरे चल कर मंच तक लाये।
Scindia reached the glory of the crown of Sartaj …
बातों ही बातों में हजारीलाल ने अपने दुख का इजहार मजाकिया अंदाज में कर दिया कि चुनाव लडने की तमन्ना तो बहुत होती है मगर क्या करें इस बार मेरे बेटे ने ही मेरा टिकट काट दिया। दिन के ग्यारह बजे भी सिंधिया की सभा में अच्छी भीड थी। जय स्तंभ चौक पर सिंधिया को सुनने खूब लोग आये थे।

और सिंधिया थे कि कार्डलेस माइक हाथ में लेकर पूरे मंच पर चल फिरकर कभी उत्साह तो कभी रोष तो कभी करूणा तो कभी तैश में भाषण दिये जा रहे थे उधर मैं जिस व्यक्ति के पास उसकी आधी कुर्सी पर बैठ गया वो बार बार सिंधिया के भाषण पर तालियां बजा रहा था मैंने पूछ ही डाला क्या सच में सिंधिया इतनी अच्छी बात कर रहे हैं जो तुम तालियां बजा रहे हो या फिर यूं ही। उसने बताया कि बेमनिया गांव से आया हूं शैलेन्द्र परिहार नाम है ये कांग्रेस तो गलती कर गयी सिंधिया को सीएम पद का प्रत्याशी बना देते तो आज कांग्रेस की हालत दूसरी होती पर आप चिंता ना करें गांवों में कांग्रेस के पक्ष में लहर है।

उधर जयस्तंभ इटारसी में भी था जहां पर सरताज सिंह की सभा सजी थी। सरताज मंच से कह रहे थे कि मेरे साथ अन्याय हुआ तो मैंने बीजेपी छोडी और मुझे अगले ही क्षण सिंधिया ने कांग्रेस में सहारा दिया और टिकट देकर मान रख लिया। अब मेरे साथ जो गलत हुआ है उसका फैसला वो इटारसी की जनता करेगी जिसके लिये मैंने जिंदगी के कई साल सेवा की है। उधर सिंधिया भी कम नहीं निकले, इटारसी से अपने पिता का रिश्ता बताते बताते जब पास में रेलवे स्टेशन से टेन की सीटी बजी तो कहा ये किया है मेरे पिता ने इटारसी के लिये।

जनता समझ गयी और तालियां बज गयीं। सिंधिया ने सरताज के आंसुओं को लेकर तंज किया कि ये बीजेपी अपने बुजुर्गों को सताती है इसलिये इटारसी के लोग अपने प्यारे नेता के आंसुओं का बदला लें। उधर हम भी देखना चाह रहे हैं कि चुनावी मैदान का ये 78 साल का अपराजेय योदधा जो पांच लोकसभा और दो विधानसभा चुनाव लगातार जीता है क्या इस बार भी अपनों के खिलाफ लडकर जीतेगा।
एबीपी न्यूज भोपाल