सुरजेवाला ने पीएम पर लगाया आरोप, कहा- मोदी सरकार ने खजाना लूटने वालों को दे रखा है फ्री पास

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जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार भगोड़ों की ट्रैवल एजेंसी बन गई है। 154 माह में मोदी सरकार ने सरकारी खजाना लूटने वालों को फ्री पास दे रखा है। 23 भगोड़े बैंकों का 53 हजार करोड़ रुपये लेकर भगाए गए और सरकार देखती रही। सोमवार को जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक 19 हजार बैंक फ्रॉड केस सामने आ चुके हैं।
Surjevala accused the PM, said: Modi government has given treasure to the looters for free pass
सुरजेवाला ने कहा कि वर्ष 2017 में आयकर विभाग की एक रिपोर्ट में यह बता दिया गया था कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी कोई घोटाला कर सकते हैं। लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली और पीएम मोदी ने कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि वित्त मंत्री अरुण जेटली की बेटी और दामाद को फीस के रूप में 24 लाख रुपये नीरव मोदी के जरिये मिले।

सुरजेवाला ने दावा किया कि नीरव मोदी ने कुल मिलाकर 26 हजार 306 करोड़ रुपये बैंकों और लोगों से हड़पे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन भगोड़ों को संरक्षण दिया है, इसका जवाब देश की जनता को पीएम और वित्त मंत्री को देना चाहिए। केंद्र सरकार ने आयकर विभाग की रिपोर्ट सीबीआइ या पुलिस को नहीं बताई।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को भारतीय एक्स सर्विसमैन मूवमेंट के मेजर जनरल सतबीर सिंह और संयुक्त एक्स सर्विसमैन मूवमेंट के कैप्टन वीके गांधी के साथ प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार सैनिकों की कुबार्नी का उपयोग राजनीति के लिए कर रही है। सैनिक तो देश के लिए कुबार्नी दे रहे हैं और महिमामंडन मोदी सरकार का हो रहा है। जनरल सतबीर सिंह ने वन रैंक वन पेंशन मामले में केंद्र सरकार पर धोखे का आरोप लगाते हुए कहा कि वादे के अनुरूप यह स्कीम लागू नहीं की गई।

उन्होंने कहा मोदी सरकार ने वन रेंक वन पेंशन स्कीम लागू नहीं की, बल्कि पेंशन बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर पूर्व सैनिकों का धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जबकि इस तरह की स्ट्राइक तो सेना हमेशा ही करती रहती है। सन् 1972 की लड़ाई में सेना ने एक हजार बार सर्जिकल स्ट्राइक की थी। सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिक उपयोग कर सेना का अपमान किया जा रहा है।