होशंगाबाद। किसानों द्वारा खेती के लिए प्रशासन से कई बार मांग करने के बाद भी उन्हें यूरिया उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जबकि किसानों ने कई बार सहकारी समितियों से यूरिया की मांग की है. लिहाजा मांग पूरी नहीं होने पर किसानों को दोगुने दाम पर बाजार से यूरिया खरीदना पड़ रहा है.
Farmers troubled by not getting urea manures, at double the price of buying from the market
जिले में यूरिया की कुल 40 हजार मीट्रिक टन की मांग है, जिनमें सहकारी समितियों को 20 हजार मीट्रिक टन की, तो निजी खुले बाजार में 20 हजार मीट्रिक टन की जरूरत है. इसके विपरीत जिले में सहकारी समितियों के पास 500 मीट्रिक टन ही यूरिया है. इस प्रकार अभी भी 35 हजार मीट्रिक टन की जरूरत है.
बोनी कर चुके किसानों को इस समय पानी देने की बहुत जरूरत पड़ रही है. इसके लिये यूरिया डालना बहुत जरूरी है. ऐसे में किसान सहकारी समितियों के पास माल नहीं होने पर मजबूरी में बाजार से 275 रुपए की यूरिया की बोरी को 300 से 350 में खरीदने को मजबूर हो रहा है. यूरिया की कमी का फायदा व्यापारियों द्वारा उठाया जा रहा है, जिसे लेकर किसानों में रोष साफ देखने को मिल रहा है.
वहीं परेशान किसान लगातार सहकारी समितियों के चक्कर लगा रहे हैं. जिले में यूरिया की कमी हर साल ही बनी रहती है, लेकिन सहकारी समितियां और कृषि विभाग समय पर इसकी पूर्ति नहीं कर पाता है.

