भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान आयकर विभाग की जांच में सामने आए करीब 1200 करोड़ के हवाला मामले में बैंक खातों की छानबीन शुरू हो गई है। विभाग की एक टीम हवाला की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। हवाला कारोबारियों के तार कुछ राजनीतिक हस्तियों से भी जुड़ रहे हैं। गुटखा डीलर के यहां मिले दस्तावेजों से भी कई खुलासे हो रहे हैं।
The crores of 1200 crores are being linked to the business of political celebrities, scrutiny of bank accounts started
आयकर विभाग की इन्वेस्टीगेशन विंग को रुटीन छानबीन के दौरान देशभर में फैले इस हवाला कारोबार का सुराग मिला था। दरअसल एक किराना एवं गुटखा डीलर की दुकान पर नोट गिनने की मशीन देखकर आयकर अफसरों ने जब डायरी और दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की तो करोड़ों रुपए का लेनदेन निकलने लगा। उसके नागपुर में स्थित निजी लॉकर से भी करीब तीन करोड़ रुपए नकदी बरामद हुई। उधर जबलपुर के खिलौना व्यापारी के यहां ही पांच सौ करोड़ से शुरू होकर हवाला का दायरा एक हजार करोड़ तक जा पहुंचा।
हवाला कारोबार के संदर्भ में जबलपुर, पांढुर्ना (छिंदवाड़ा), कटनी, बालाघाट, देवास और इंदौर के बुलियन कारोबारी के यहां मिले दस्तावेजों की जांच में कुछ राजनीतिक हस्तियों और कारोबारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। विभाग इन सभी लोगों की आर्थिक कुंडली की छानबीन में जुटा है। इनमें कुछ मामले नोटबंदी के दौरान के भी हैं।
इंदौर में बुलियन कारोबारी के यहां फजीर्वाड़े से जुड़े दस्तावेजों में फर्जी बिल, चैक और दूसरी कंपनियों के बैंक अकाउंट्स से बड़ी रकम घुमाने का ब्योरा मिला है। कुछ बैंक अकाउंट्स से बड़ी राशि के लेनदेन का सत्यापन भी हुआ है। खासतौर पर देवास के मामले में बैंक के जरिए लेनदेन की सारी कहानी सामने आ गई। बालाघाट के आभूषण व्यापारी और कटनी से हुए 75 करोड़ के हवाला को लेकर पूछताछ में कुछ और कड़ियां सामने आई हैं।
पूछताछ जारी
जबलपुर से जब्त हुए दस्तावेजों में भी आयकर के जांच अधिकारियों को नोटबंदी के बाद की ढेरों एंट्री मिली हंै। उधर पांढुर्ना (छिंदवाड़ा) के किराना और गुटखा डीलर के यहां भी 75 करोड़ रुपए की रकम के लेनदेन की एंट्री को लेकर पूछताछ का सिलसिला चल रहा है।

