नई ई-कॉमर्स पर फ्लिपकार्ट ने कहा- किसी भी फैसले से पहले सरकार को उद्योगों से लेनी चाहिए राय

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नई दिल्ली। सरकार द्वारा जारी नई ई-कॉमर्स नीति से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली कंपनियों में एक फ्लिपकार्ट ने कहा है कि ऐसे किसी भी फैसले से पहले सरकार को उद्योग की राय लेनी चाहिए थी। अमेरिकी रिटेल दिग्गज वालमार्ट नियंत्रित फ्लिपकार्ट ने गुरुवार को कहा कि दूरगामी असर छोड़ने वाले फैसले लेने से पहले सरकार को विचार-विमर्श का रास्ता अपनाना चाहिए।
Flipkart said on the new comers policy: Before any decision, the government should take the opinion from the industry
कंपनी ने यह भी कहा कि सरकार के फैसले ऐसे होने चाहिए, जिनसे उद्योग को गति मिल सके। एक बयान में फ्लिपकार्ट ने कहा, “सरकार द्वारा नीतियों में बदलाव का एक उभरते और संभावनाओं भरे उद्योग तथा पूरे तंत्र पर दूरगामी असर होगा। उद्योग को आगे ले जाने के लिए जरूरी यह है कि सरकार सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद बाजार को आगे ले जाने वाला फ्रेमवर्क तैयार करे।”

गौरतलब है कि बुधवार को ही सरकार ने घरेलू खुदरा कारोबारियों की मांग स्वीकार करते हुए नई ई-कॉमर्स नीति जारी की थी। यह नीति अगले वर्ष पहली फरवरी से अमल में आनी है। इसके लागू होने के बाद फ्लिपकार्ट और अमेजन समेत ऐसी सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अपने वेंडर्स से भेदभाव करना असंभव हो जाएगा।

नई नीति के बाद मनमाफिक कैशबैक और डिस्काउंट जैसे लुभावन कदमों का एक तरह से खात्मा हो जाएगा। माना जा रहा है कि नई नीति की सबसे ज्यादा मार फ्लिपकार्ट और अमेजन को ही झेलनी पड़ेगी। ई-कॉमर्स कंपनियों को नुकसान नहीं नैसकॉम के पूर्व प्रेसिडेंट आर चंद्रशेखर ने गुरुवार को कहा कि ई-कॉमर्स पर सरकार की नई नीतियों से उद्योग को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वेंडरों के बीच स्पर्धा की समानता की मांग लंबे समय से हो रही थी, जो नई नीति के बाद पूरी हुई है। कहा, दूरगामी असर छोड़ने वाले फैसलों से पहले उद्योग की राय जरूरी।