नई दिल्ली। लोकसभा में तीन तलाक बिल को पास करवाने के बाद अब केंद्र सरकार के सामने उसे राज्यसभा में पास करवाने की चुनौती है। सोमवार को ट्रिपल तलाक बिल को राज्यसभा में पेश किया जाना है, लेकिन उससे पहले विपक्ष ने एक बड़ा कदम उठाया है। साझी विपक्षी रणनीति के तहत, सभापति को चिट्ठी लिखकर गया है कि राज्यसभा में पेश होने से पहले बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजा जाए। इस पत्र पर करीब 12 दलों के नेताओं के साइन बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी ने भी मीटिंग की। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए हैं।
The challenge for the government, the opposition united, the BJP along with the PM also passed the three divorce bills passed in the Rajya Sabha
विपक्ष ने बनाई रणनीति
राज्यसभा में बिल पर चर्चा 2 बजे शुरू होनी है, लेकिन उससे पहले ही विपक्षी दलों ने मीटिंग की। इसके लिए कई विपक्षी दलों के सांसद राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद के चेंबर में जुटे। सामने आई तस्वीर में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के साथ, आनंद शर्मा, आप नेता संजय सिंह, रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन, कम्यूनिस्ट पार्टी आॅफ इंडिया के डी राजा, आरजेडी के मनोज कुमार झा ने इस बैठक में हिस्सा लिया।
दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से विजय गोयल ने राज्यसभा में तीन तलाक विधेयक पारित करने के लिए सभी दलों से संपर्क साधा है। इसके अलावा सोमवार को बीजेपी ने भी बैठक की है। जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली, राजनाथ सिंह आदि शामिल हुए।
क्या है विपक्ष की मांग
विपक्षी दलों की मांग है कि इस बिल को सदन में पेश किए जाने से पहले सेलेक्ट कमिटी को भेजा जाना चाहिए। बता दें कि उच्च सदन में मोदी सरकार बहुमत में नहीं है, ऐसे में उसकी परेशानी बढ़ना तय है। उम्मीद की जा रही है कि समोवार को इसपर सदन में इस पर तीखा घमासान देखने को मिल सकता है।
बीजेपी की राह नहीं आसान
राज्यसभा में फिलहाल कुल सदस्यों की संख्या 244 है, जिसमें 4 सदस्य मनोनीत हैं। राज्यसभा में बीजेपी बिना विपक्ष के सहयोग के बिल पास नहीं करवा पाएगी। बता दें कि राज्यसभा में एनडीए के 97 सदस्य हैं, जिसमें बीजेपी के 73, जेडीयू के 6, 5 निर्दलीय, शिवसेना के 3, अकाली दल के 3, 3 नामित सदस्य, बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट के 1, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 1, नागा पीपल्स फ्रंट के 1, आरपीआई के 1 सांसद शामिल हैं।
वहीं विपक्ष के पास 115 सांसद हैं। इसमें कांग्रेस के 50, टीएमसी के 13, समाजवादी पार्टी के 13, टीडीपी के 6, आरजेडी के 5, सीपीएम के 5, डीएमके के 4, बीएसपी के 4, एनसीपी के 4, आम आदमी पार्टी के 3, सीपीआई के 2, जेडीएस, केरल कांग्रेस (मनी), आईयूएमएल का एक-एक सदस्य है। इसके अलावा एक निर्दलीय और एक नामित सदस्य भी विपक्ष के साथ हैं।

