सीमा पर सेना को मिली बड़ी कामयाबी, पाक सेना की वर्दी पहने दो घुसपैठियों को किया ढेर

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के नौगाम सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। सेना ने पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहने दो घुसपैठियों को मार गिराया। बताया जा रहा है कि ये घुसपैठिए अपनी बर्बरता के लिए बदनाम पाकिस्तान की बॉर्डर ऐक्शन टीम के सदस्य थे और भारतीय सेना के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के फिराक में थे।
Army forces get huge success, border guards worn by Pakistani army uniform
पाकिस्तान निशान वाले हथियार बरामद
इन घुसपैठियों के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है। इन पर पाकिस्तान के निशान बने हुए हैं। इन घुसपैठियों ने पाकिस्तान की सेना द्वारा लड़ाई के दौरान पहने जाने वाली ड्रेस पहन रखी थी। इनमें से कुछ घुसपैठियों ने भारत के बीएसएफ और भारतीय सेना के पुराने ड्रेस की तर्ज पर वर्दी पहन रखी थी। सूत्रों ने बताया कि जब ये घुसपैठिए भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे थे, उस समय उनकी मदद के लिए पाकिस्तान की ओर से भारी हथियारों से जमकर गोलाबारी की गई थी।

पाकिस्तान को शव वापस लेने के लिए कहेगा भारत
इस बीच सेना ने कहा है कि वह पाकिस्तान से कहेगा कि वह इन घुसपैठियों के शव वापस ले क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मारे गए लोग पाकिस्तानी सेना के जवान हैं। पाकिस्तानी घुसपैठिए नियंत्रण रेखा पर स्थित घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में प्रवेश करना चाहते थे। इसी दौरान भारतीय सेना ने उन्हें मार गिराया। सेना ने अभी मारे गए कुल घुसपैठियों के संख्या की पुष्टि नहीं की है।

जवानों के ट्रेनिंग में सुधार की जरूरत
सेना के एक अधिकारी ने माना कि पिछले दो साल में जिस तरह पाकिस्तान की तरफ से स्नाइपर अटैक हो रहे हैं और हमारे लोग शहीद हुए हैं, वे आंकड़े चिंताजनक हैं। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने स्नाइपर्स की ट्रेनिंग में बहुत सुधार किया है और जिस तरह पाकिस्तान एलओसी पर स्नाइपर अटैक के जरिए हावी होता दिख रहा है उससे साफ है कि पाक बेहतरीन ट्रेनिंग देने के साथ ही बेहतरीन स्नाइपर राइफल भी इस्तेमाल कर रहा है। हमारी फौज में स्नाइपर्स को मध्य प्रदेश के महू में इंफेंट्री स्कूल में ट्रेनिंग दी जाती है। यह ट्रेनिंग 7 हफ्तों की होती है।

एक साल पहले तक यह ट्रेनिंग महज 4 हफ्तों की होती थी जिसमें टेक्निकल चीजों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था। अब इसमें कुछ सुधार किया गया है और 7 हफ्तों की ट्रेनिंग में टेक्निकल के साथ टेक्टिकल (निपुणता) पर भी ध्यान दिया जाता है। मेंटल कैपेबिलिटी, शूटिंग स्किल पर भी फोकस होने लगा है। हालांकि कई सीनियर अधिकारियों ने माना कि स्नाइपर ट्रेनिंग में सुधार की जरूरत है। एक अच्छा स्नाइपर 2-3 साल की कड़ी प्रैक्टिस के बाद तैयार होता है और महज स्नाइपिंग की टेक्निकल जानकारी देकर हम स्नाइपर अटैक के मुकाबले में पिछड़ते जाएंगे।

अपनी बर्बरता के लिए कुख्यात है बॉर्डर ऐक्शन टीम
पाकिस्तान की बॉर्डर ऐक्शन टीम वही बर्बर टीम है जो भारतीय सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत करने के लिए कुख्यात है। करगिल युद्ध के दौरान कैप्टन सौरभ कालिया को इअळ ने ही टॉर्चर किया था और उनके शरीर को क्षत-विक्षत किया था। जिसके कुछ वक्त बाद उनका शव भारत को सौंपा गया। पिछले दिनों इंटेलिजेंस एजेंसियों ने भी आगाह किया था कि हाल ही में आतंकियों के एक ग्रुप ने सियालकोट से कुछ दूरी पर स्पेशल ट्रेनिंग पूरी की है। सुरक्षा एजेंसी सूत्रों के मुताबिक यह ट्रेंड ग्रुप अटैक कर सकता है।

पाकिस्तान की बॉर्डर ऐक्शन टीम क्रॉस बॉर्डर आॅपरेशन और लाइन आॅफ कंट्रोल पर रेड करती है। पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (एसएसजी) ने इस टीम का गठन किया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक इअळ में पाकिस्तान आर्मी के कमांडो के साथ आतंकी भी होते हैं। वह गुरिल्ला लड़ाई में ट्रेंड होते हैं। आतंकियों को इअळ में इसलिए शामिल किया जाता है ताकि पकड़े जाने पर पाकिस्तान उन्हें अस्वीकार कर सके।