रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 साल का वनवास खत्म करने और सरकार बनाने के बाद अब कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ऊपर दोहरी जिम्मेदारी हैं। उन्हें अभी मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष होने के नाते संगठन को भी संभालना है। इस कारण बघेल ने जातिगत समीकरणों को साधना शुरू कर दिया है। अभी उनका फोकस एसटी और एससी वर्ग पर है। समाजों के अलावा मुख्यमंत्री मंदिरों में मत्था टेकने भी पहुंच रहे हैं।
Chhattisgarh: After formation of government, Congress, preparing for Lok Sabha elections, will focus on SC-ST
लोकसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री अभी केवल बड़े वोट बैंक पर ध्यान दे रहे हैं। उनके कार्यक्रमों में मुख्य रूप से सामाजिक कार्यक्रमों को शामिल किया जा रहा है। रविवार को जांजगीर-चांपा और गुंडरदेही में आयोजित गुर्स् घासीदास जयंती के कार्यक्रम में पहुंचे। पाटन में आदिवासी सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। पाटन के ही ग्राम चंगोरी में मनवा कुर्मी समाज के अधिवेशन में भी पहुंचे।
सोमवार को भी वे बिलासपुर के जरहाभाठा और यदुनंदननगर में गुर्स् घासीदास जयंती के कार्यक्रम में पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे से साफ है कि उनका पहला फोकस एससी वर्ग है, जिनकी प्रदेश में आबादी लगभग 32 लाख है। इसी कारण मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में दो एससी विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया और गुरु रुद्र कुमार को लिया।
ओबीसी वर्ग की आबादी 1.20 करोड़ है। इस वर्ग में कांग्रेस की पकड़ पहले से मजबूत है, क्योंकि मुख्यमंत्री बघेल खुद और मंत्री ताम्रध्वज साहू इसी वर्ग से हैं। ओबीसी में दो समाज साहू और कुर्मी की संख्या ज्यादा है। मुख्यमंत्री कुर्मी समाज के नेता हैं, तो मंत्री साहू अपने समाज के बड़े नेता हैं। इस कारण ओबीसी वर्ग को लेकर ज्यादा चिंता नहीं की जा रही है।
आदिवासियों को साधने के लिए उनके भी सामाजिक कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। रविवार को वे अपने विधानसभा क्षेत्र पाटन में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री प्रदेश में आदिवासी समाज की आबादी 80 से 85 लाख है। इस समाज को साधने की चुनौती रहेगी, क्योंकि अभी कुछ नेता नाराज चल रहे हैं।
बस्तर से भाजपा सरकार में हर बार दो-दो मंत्री बनाए गए, लेकिन कांग्रेस सरकार ने केवल एक विधायक को मंत्रिमंडल में लिया है। इस कारण बस्तर के वरिष्ठ विधायक मनोज मंडावी और लखेश्वर बघेल नाराज चल रहे हैं। उधर, सरगुजा संभाग से कांग्रेस के आदिवासी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत भगत और बृहस्पति सिंह भी नाराज हैं, क्योंकि दोनों मंत्री पद की मांग कर रहे हैं।

