नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को कार्यवाही खासी हंगामेदार रही। एक तरफ जहां राफेल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बेहद गरमागरम बहस का आगाज हुआ, वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु के राजनीतिक दल अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर कार्यवाही बाधित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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इस दौरान सदन में पर्चियां और कागजी ‘राफेल’ उड़ते नजर आए। बार-बार चेतावनी देने पर भी अन्नाद्रमुक के सदस्यों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया और उनकी वजह से लोकसभा को बार-बार स्थगित करना पड़ा। लोकसभा स्पीकर ने अन्नाद्रमुक के 24 सदस्यों को मौजूदा सत्र के शेष बचे पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही अन्नाद्रमुक के सदस्य स्पीकर के आसन के करीब पहुंच गए। उनके साथ द्रमुक के सदस्य भी थे, लेकिन संख्या बल में अन्नाद्रमुक का पलड़ा काफी भारी है। तमिल और अंग्रेजी में लिखी तख्तियों के साथ अन्नाद्रमुक के सांसदों ने स्पीकर के सामने पर्चियों को फाड़कर लहराने का करतब कई बार दिखाया।
बीच-बीच में फाइलों को भी हवा में उछाला जा रहा था। प्रश्नकाल के दौरान मुश्किल से एक सवाल पूछा जा सका और स्पीकर को सदन स्थगित करना पड़ा। शून्यकाल में भी उनका ऐसा ही रवैया रहा और अंतत: लोकसभा को दो बजे तक के लिए स्थगित किया गया। पूरे दिन ये सदस्य न सिर्फ आसन के करीब रहे बल्कि उन्होंने राफेल सौदे पर बहस में हिस्सा ले रहे सदस्यों को भी परेशान करने की कोशिश की।
इस वजह से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपनी सीट से और पीछे जाकर भाषण देना पड़ा जबकि सरकार का पक्ष रख रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी तीसरी पंक्ति में खड़े होकर अपनी बात कहनी पड़ी। दरअसल, अन्नाद्रमुक के सदस्यों की वजह से आगे की दो-तीन पंक्तियों के वक्ताओं का चेहरा टीवी पर नहीं आ पा रहा था।
बहरहाल, देर शाम स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अन्नाद्रमुक के 24 सदस्यों को निलंबित कर दिया। लोकसभा में अन्नाद्रमुक के 37 सांसद हैं। वैसे लोकसभा में कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने भी हवा में करतब दिखाए। जब राफेल पर जेटली सरकार का पक्ष रख रहे थे तब कांग्रेस के दो सांसद लगातार कागज के जहाज बनाकर उसे उड़ा रहे थे। एक समय जब उनके पास कागज खत्म हो गया तो कांग्रेस की एक महिला सदस्य बाहर गईं और कागज लेकर आई।
इस पर जेटली ने टिप्पणी की, ‘ये कागजी जहाज यूरोफाइटर (कुछ यूरोपीय देशों के सहयोग से निर्मित युद्धक जहाज जो राफेल का प्रतिद्वंदी है) की याद में उड़ाए जा रहे हैं।’ इसके अलावा भी राफेल सौदे पर चर्चा के दौरान कई बार तल्खी का माहौल पैदा हुआ। तृणमूल कांग्रेस के स्वागत घोष और भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के बीच एक बार नोक-झोंक काफी बढ़ गई।

