मप्र वंदेमातरम् विवाद से डरी सरकार, सूर्य नमस्कार 12 जनवरी को ही

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 भोपाल। वंदेमातरम् गायन पर घिरी राज्य सरकार ने सामूहिक सूर्य नमस्कार पर रोक लगाकर नए विवाद को जन्म देने से तौबा कर ली है। यह आयोजन हर बार की तरह 12 जनवरी को प्रदेशभर में संपन्न् होगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे हरी-झंडी दे दी है। इस फाइल को मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षर कर चंद घंटों में वापस भेज दिया। भाजपा का आयोजन मानते हुए राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने सूर्य नमस्कार पर रोक लगा दी है, लेकिन मध्य प्रदेश में यह कार्यक्रम पिछले साल की तरह पूरी गरिमा के साथ होगा।
Due to the controversy over MP Vande Mataram controversy, the Surya Namaskar
हालांकि बड़ी अड़चन मुख्यमंत्री का भाषण है। मालूम हो, भाजपा ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में इसे वर्ष 2009 में शुरू किया था। प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल- कॉलेजों में योग कराया जाता है। इस दौरान 12 आसन कराए जाते हैं। चंद घंटों में मिली स्वीकृति : सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन पर राजस्थान सरकार का कदम सामने आने के बाद अफसरों को मध्य प्रदेश में भी रोक लगने की आशंका थी, लेकिन सीएम सचिवालय से फाइल स्वीकृति के साथ लौटी।

सूत्र बताते हैं कि फाइल एक हफ्ते पहले सीएम सचिवालय को भेजी गई थी। यह गुरुवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने पहुंची और उन्होंने चंद घंटों में स्वीकृति दे दी।
कैसे रिकॉर्ड होगा भाषण : अफसरों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री निर्णय से पहले उनसे बात करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब अफसर मुख्यमंत्री के भाषण की रिकॉर्डिंग और मंत्रियों की उपस्थिति को लेकर परेशान है।