लोकसभा के चुुनावी समर की तैयारी को अंतिम रूप दे रही भाजपा, बना रही खास रणनीति

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नई दिल्ली। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी की कैंपेन कमिटी उन तमाम मुद्दों को चुन रही है, जिनसे वोटरों को लुभाया जा सके और विपक्ष पर भी हमले साधे जा सकें। आने वाले दिनों में भाजपा अपनी रणनीति को और ज्यादा ठोस आकार देकर चुनावी समर में उतरने वाली है।
The BJP, which is finalizing the preparation of the Lok Sabha’s Chunavi Samar, special strategy
पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रेजिडेंशल स्टाइल में चुनाव प्रचार
हाल में, दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिक नेतृत्व पर बल दिया था और पार्टी को चुनाव जीतने के लिए सिर्फ उन पर निर्भर न होने को कहा था। हालांकि, बीजेपी 2019 के चुनाव को अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के स्टाइल में बदलने की ओर बढ़ती दिख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के प्रचार अभियान का चेहरा होंगे। पार्टी इस बात को प्रमुखता से उठाएगी कि विपक्ष के पास मोदी के टक्कर का कोई नेता नहीं है और वही एक नेता हैं जो मजबूत और स्थायी सरकार दे सकते हैं।

बेदाग सरकार
विपक्ष राफेल डील को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। इसके अलावा, विपक्ष नीरव मोदी और विजय माल्या जैसों के देश छोड़कर भागने को लेकर भी सरकार पर हमला करता रहा है। इसके बावजूद बीजेपी को लगता है कि नरेंद्र मोदी सरकार ‘बेदाग’ है और उस पर भ्रष्टाचार के एक भी आरोप नहीं लगे हैं।

खाते में अभी आनी हैं और उपलब्धियां, काम जारी
बीजेपी अपने चुनाव प्रचार में इस बात को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है कि मोदी सरकार की पिछले 5 सालों की उपलब्धियों की फेहरिस्त अभी और बढ़ेगी क्योंकि कई योजनाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं और उन पर काम जारी है। मोदी सरकार की ज्यादातर योजनाओं के पूरा होने के लिए वर्ष 2022 को तय किया गया है। इस वजह से भी बीजेपी जनता को यह समझाने की कोशिश करेगी कि पीएम मोदी का एक और कार्यकाल क्यों जरूरी है।

फैसले लेने वाली सरकार
चुनाव प्रचार के दौरान सरकार द्वारा लिए गए ‘साहसिक’ फैसलों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इन फैसलों में नोटबंदी, जीएसटी, सर्जिकल स्ट्राइक, आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, अगुस्टा-वेस्टलैंड घोटाले के बिचौलिये क्रिस्चन मिशल के प्रत्यर्पण जैसे फैसले शामिल हैं।

जन कल्याण की 7 योजनाएं
गरीब और कमजोर तबकों के लिए सरकार द्वारा शुरू की गईं कल्याणकारी योजनाओं को बीजेपी चुनाव में भुनाने की भरपूर कोशिश करेगी। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपने करीब हर भाषण में इन योजनाओं का प्रमुखता से जिक्र जरूर करते हैं। ये योजनाएं हैं- उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, सौभाग्य, स्वच्छ भारत, जन धन, प्रधानमंत्री आवास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना।

नारें
वैसे तो बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में ‘अबकी बार फिर मोदी सरकार’ नारे का इस्तेमाल किया गया, लेकिन पार्टी ‘एक बार फिर मोदी सरकार’ जैसे कुछ और आकर्षक नारों पर काम कर रही है। जो भी नारे फाइनल किए जाएंगे, उसके केंद्र में मोदी जरूर होंगे।

महागठबंधन: मजबूर सरकार
विपक्ष तमाम राज्यों में बीजेपी के खिलाफ लामबंद हो रहा है। सबसे महत्वपूर्ण गठबंधन यूपी में एसपी-बीएसपी का है, जहां से लोकसभा में सबसे ज्यादा 80 सदस्य जाते हैं। ऐसे में बीजेपी विपक्ष की लामबंदी की चुनौती से निपटने की तैयारी कर रही है। पार्टी पहले ही विपक्ष के महागठबंधन को स्वार्थ का गठबंधन करार दे चुकी है, जिसका एक मात्र उद्देश्य किसी भी तरह सत्ता में आना और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है। बीजेपी का मानना है कि जनता एक ‘मजबूर सरकार’ की जगह मोदी की अगुआई में ‘मजबूत सरकार’ को आशीर्वाद देगी।