फर्जी कंपनियों में घूमते रहे 260 करोड़, पांच शहरों में छापे से खुलासा

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भोपाल। आयकर विभाग को कटनी के सरावगी एवं अन्य समूहों पर छापामार कार्रवाई के दौरान फर्जी कंपनियों में 260 करोड़ रुपए घुमाकर लाने-ले जाने के साक्ष्य मिले हैं। विभाग मामले को हवाला कारोबार से जोड़कर भी देख रहा है। तीन दिन चली कार्रवाई में आयकर विभाग ने दिल्ली, कोलकाता, कटनी, रीवा और भोपाल में भी छानबीन की है। छापे में करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है।
260 crore roaming in fake companies, raids in five cities revealed
आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि छापे की कार्रवाई सोमवार सुबह तक चली। इस दौरान ग्रुप से जुड़े अन्य समूहों के ठिकानों पर भी टैक्स चोरी के साक्ष्य मिले हैं। विभाग का कहना है कि कटनी के सतीश सरावगी, संजय मिश्रा, अरुण गोयल, सीबी बजाज, मोहित मिनरल्स, महाकाल माइंस और महाकाल ग्रुप पर की गई कार्रवाई में फर्जी कंपनियों का ब्योरा मिला है। साथ ही इन कंपनियों का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। इन कंपनियों में करोड़ों रुपए की राशि घुमाकर लाई जाती थी।

आयकर अधिकारियों ने कोलकाता में एक ऐसे व्यक्ति को भी जांच के दायरे में लिया है, जो 1700 कागजी कंपनियां चला रहा था। उसने बताया कि कालेधन को नंबर एक में बदलने के लिए कमीशन लेकर वह इन फर्जी कंपनियों में पैसा घुमाकर देता था। कोयला कारोबार से जुड़े समूहों की जांच में आयकर विभाग ने खरीददार और विक्रेता के साथ उत्पादक को भी जांच में शामिल कर लिया है।

बैलेंसशीट और बही-खातों का मिलान
आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि इन समूहों से जुड़े लोगों को भी विभाग पूछताछ के लिए तलब करेगा। अब तक की कार्रवाई में जो सुबूत मिले हैं, उनका बैलेंसशीट और बही-खाते से मिलान किया जा रहा है। स्टॉक का मिलान नहीं होने पर बाकी स्टॉक को अघोषित संपत्ति के साथ जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह इंदौर में प्लायवुड कारोबारी के ठिकानों पर हुई छापामारी में विभाग को करीब ढाई से तीन अरब रुपए की ऐसी संपत्ति और कारोबार का ब्योरा मिला है, जिस पर विभाग को टैक्स नहीं दिया गया।