चंबल नदी में जलीय जीवों की गिनती शुरू, विभागीय अधिकारी रख रहे नजर

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श्योपुर। चंबल नदी में जलीय जीवों की स्थिति का पता लगाने के लिए जीवों की गिनती शुक्रवार से शुरू हो गई। विभागीय पदाधिकारियों ने चंबल नदी में नजरें गढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके लिए नदी के तटों पर अलग-अलग व्यू पाइंट बनाए गए हैं। साथ ही बोट के माध्यम मगर, घड़ियाल, डॉल्फिन आदि जलीय जीवों की गिनती की जाएगी।
Counting of aquatic organisms in the Chambal river, the departmental officials keep looking
पांच सदस्यीय साइंटिस्ट व कर्मचारियों की टीम गिनती कर रिपोर्ट तैयार करेगी। गिनती शुरू कराने के लिए सीसीएफ एचएस मोहंता श्योपुर पहुंचे। उन्होंने बड़ौदा क्षेत्र के बडौदिया बिंदी क्षेत्र से जलीय जीवों की गिनती शुरू कराई। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों की सीमाओं को जोड़ता यह चंबल अभ्यारण्य घड़ियालों और डॉल्फिन की पसंदीदा जगहों में से एक हैं।

16 दिन तक चलेगी गणना, तय होगा लंबा सफर
16 दिन चलने वाली गणना में 435 किमी दूरी नदी में तय की जाएगी। टीमें सबसे ज्यादा नजर उन क्षेत्रों पर गढ़ाएंगे जहां जलीय जीव सामान्यतय नजर आते रहते हैं। पिछले साल चंबल में करीब 74 डॉल्फिन, 800 से ज्यादा घड़ियाल पाए गए थे।

एक नजर में चंबल सेंचुरी
– 435 किमी लंबी है चंबल सेंचुरी
– 280 वर्ग किमी क्षेत्र का है दायरा
– 800 से ज्यादा हैं घड़ियाल
– 74 डॉल्फिन पिछली गिनती में आई सामने
– 03 राज्यों की सीमाएं आती हैं सेंचुरी के दायरे में
– 05 विशेषज्ञों की टीम करेगी गिनती

इनका कहना है
चंबल अभ्यारण्य में जलीय जीवों की गिनती कराई जा रही है। बोटों में बैठकर यह गणना की जाएगी। भिंड क्षेत्र में गणना पूरी होगी। इसके बाद जलीय जीवों की संख्या जारी कर दी जाएगी- ईडी ग्रेवियर, डीएफओ, राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य