नई दिल्ली। मोदी सरकार की 100 फीसदी घरों तक बिजली पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना अब अपने अंतिम चरण में है। हर घर तक बिजली पहुंचाने की इस योजना में महज 28,500 (0.1%) घर ही बचे हैं। राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 5 जिले ही अब बचे हैं जहां अब तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। केंद्र सरकार के 2.5 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाने का सरकार का लक्ष्य इस महीने के अंत तक पूरा होने का अनुमान है।
Modi government’s ambitious plan, in the last phase, will reach all the houses by the end of this month.
राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बचे हैं 28 हजार घर
सरकारी वेबसाइटट पर जारी आंकड़ों के अनुसार, 8,500 घर राजस्थान के उदयपुर में हैं, जहां बिजली पहुंचाई जानी है। छत्तीसगढ़ में 20,000 घर हैं जहां तक अभी बिजली नहीं पहुंची है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में आने वाले शहर बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और सुकमा ऐसे जिले हैं जिनमें कुल 20 हजार घरों का अभी विद्युतीकरण होना है। 553 गांवों में रह रहे इन 20 हजार परिवारों तक बिजली पहुंचाने का काम हो रहा है।
डेडलाइन से पहले पूरा हो सकता है लक्ष्य
अभी के हालात में माना जा रहा है कि फरवरी महीने के अंत तक विद्युतीकरण का यह काम पूरा हो जाएगा। 2.5 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाने की इस योजना के लिए डेडलाइन मार्च 2019 की तय की गई थी। माना जा रहा है कि डेडलाइन से पहले ही यह काम पूरा हो जाएगा और यह सरकार की बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है। 19,614 गांवों तक बिजली पहुंचाने का यह बड़ा काम तय समय में पूरा होने जा रहा है।
पीएम मोदी से चर्चा के बाद तय हुआ था लक्ष्य
सूत्रों का कहना है कि हर घर तक बिजली पहुंचाने का यह लक्ष्य बहुत विचार-विमर्श के बाद तय किया गया। पहले हर मोहल्ले या सार्वजनिक छोटे इलाके तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई कई राउंड चर्चा के बाद बिजली मंत्रालय को यह अधिक मुश्किल जिम्मेदारी सौंप दी गई और तय हुआ कि हर घर तक बिजली का कनेक्शन पहुंचाया जाना है।
फरवरी अंत तक पहुंच जाएगी हर घर तक बिजली
इस मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हमारे पास 2.48 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन हम पूरी निष्ठा से आगे बढ़े। उम्मीद है कि अब हम अगले 10-12 दिनों में यह लक्ष्य 100 फीसदी हासिल कर लेंगे।’ सूत्रों का यह भी कहना है कि बिजली मंत्री आर के सिंह खुद राज्य सरकारों के साथ संपर्क में हैं और मिशन पर पूरी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों से निजी तौर पर भी मिशन को पूरा करने में सहयोग देने की अपील की है।

