आतंकी हमले में यूपी के 12 जवानों ने दिया बलिदान, घरों में मचा कोहराम

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लखनऊ। पुलवामा में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों में 12 उत्तर प्रदेश के हैं। जवानों के शहीद होने की खबर उनके घरों में आई तो कोहराम मच गया। शहीद जवानों के परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। किसी के घर में बूढ़े माता-पिता बेटे के आने की राह देख रहे थे तो किसी की पत्नी अपने पति के वापस आने की आस लगाए थी। जवानों के शहीद होने की खबर सुनकर लोगों में गुस्सा है।
U.P. 12 soldiers killed in terror attack
वे सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
हमले में शहीद हुए 37 जवानों में चंदौली के अवधेश, इलाहाबाद के महेश, शामली के प्रदीप और अमित कुमार, वाराणसी के रमेश यादव, आगरा के कौशल कुमार यादव, उन्नाव के अजीत कुमार, कानपुर देहात के श्याम बाबू, कन्नौज के प्रदीप सिंह और देवरिया के विजय मौर्य शामिल हैं। पुलवामा में तैनात शामली के प्रदीप बनत गांव के रहने वाले थे। उनकी शहादत की खबर ने हर किसी को हिला दिया। घर से लेकर पूरे गांव में कोहराम मच गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि प्रदीप अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। गांववालों ने बताया कि प्रदीप के अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने घर आए थे। वह दो दिन पहले ही वापस गए थे।

पिता के लिए फूटफूटकर रो पड़ीं बेटियां
जम्मू-कश्मीर के इस आंतकी हमले में उन्नाव के अजीत कुमार आजाद भी शहीद हुए हैं। हमले की खबर मिलने के बाद उनका परिवार दहशत में आ गया। परेशान होकर चारों तरफ फोन करने शुरू कर दिए लेकिन अजीत से संपर्क नहीं हो पाया। शाम को टीवी पर जब शहीदों के नाम आए तो उन्हें पता चला की हमले में वह भी शहीद हो गए हैं। अजीत की दो बेटियां ईशा और श्रेया अपनी मां मीना के साथ लिपट गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं।

मां के बाद पिता को भी खोया
मैनपुरी राम वकील भी इस आंतकी हमले में शहीद हुए हैं। विनायकपुर गांव के रहने वाले जवान राम वकील की पत्नी की मौत हो चुकी है। उनके तीन बच्चे हैं जिनकी देखरेख उनकी बूढ़ी मां करती हैं। तीनों बच्चों के सिर से मां के बाद अब पिता का साया भी उठ गया है।