मुंबई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच सोमवार को गठबंधन के सिलसिले में बैठक होनी है। इस मीटिंग पर सभी सियासी दलों की नजरें टिकी हुई हैं। दोनों के बीच बैठक मुंबई में होगी। बताया जा रहा है कि शिवसेना और बीजेपी के बीच गठबंधन लगभग तय है लेकिन मुख्य पेच सीटों के बंटवारे और मुख्यमंत्री पद को लेकर फंसा हुआ है। बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना के सामने ढाई-ढाई साल का फॉर्म्युला रखा गया है जबकि शिवसेना का कहना है कि सीटें चाहे जितनी आएं मुख्यमंत्री उसी का होना चाहिए। शिवसेना और बीजेपी के बीच आज की बैठक में इन विकल्पों पर बात हो सकती है-
Meeting between Shah-Uddhav on coalition today, many issues can be talked about
ढाई-ढाई साल का फॉर्म्युला
माना जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 25 और शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पालघर सीट छोड़ने के लिए बीजेपी अब तैयार है। लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनावों में भी सीटों का बंटवारा लगभग तय है। मुख्यमंत्री पद को लेकर मामला थोड़ा अटका है। शिवसेना का कहना है विधानसभा चुनाव में किसी की भी सीटें ज्यादा आएं, लेकिन मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपनी सीट इतनी आसानी से शिवसेना को कैसे दे देंगे, फिर भी बीजेपी ने ढाई-ढाई साल का फॉर्म्युला शिवसेना के सामने रखा है।
1995 मॉडल पर भी हो सकती है बात
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना मीटिंग में 1995 के मॉडल को आधार बनाने की बात भी रख सकती है। 1995 में पहली बार महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी की सरकार बनी थी, जिसे नेतृत्व गठबंधन के मुख्यमंत्री मनोहर जोशी ने दिया था और शिवसेना गठबंधन की प्रमुख साझेदार थी। शिवसेना की तरफ से जो 1995 वाले मॉडल की बात हो रही है, उसमें उसकी डिमांड का पूरा पैकेज है।
मॉडल के हिसाब से शिवसेना की पहली मांग यह होगी कि फडणवीस की सरकार भंग कर दी जाए और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ ही कराए जाएं। सेना की दूसरी मांग यह होगी कि अगर बीजेपी उसके साथ गठबंधन करना चाहती है तो, उसे मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना का दावा कबूल करना होगा। इसके लिए वह 288 सीटों वाली विधानसभा में लगभग 150 सीटें और लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र की कुल 48 सीटों में से 25-26 सीटें मांगेगी।
‘शिवसेना के बड़े भाई के दर्जे का सम्मान करना होगा’
इस बारे में शिवसेना के सीनियर लीडर संजय राउत ने कहा था कि गठबंधन के लिए बीजेपी को शिवसेना की अस्मिता और महाराष्ट्र में उसके बड़े भाई के दर्जे का सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा था कि बीजेपी के लीडर्स को पता है कि गठबंधन नहीं करने पर वे महाराष्ट्र में 10 से ज्यादा लोकसभा सीटें जीत नहीं पाएंगे। जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस और पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख रावसाहेब दन्वे ने दावा किया था कि बीजेपी महाराष्ट्र में अपने बूते लोकसभा की 43 सीटें जीत लेगी।

