गंगा की निर्मलता के लिए 177 दिनों से अनशनरत मातृसदन के संत ब्रहचारी आत्मबोधानंद ने जल त्यागने की घोषणा की

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हरिद्वार। गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए 177 दिनों से अनशनरत मातृसदन के संत ब्रह्मचारी आत्मबोधानन्द ने 27 अप्रैल से जल त्यागने की घोषणा कर दी है। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद बीते वर्ष 24 अक्टूबर को अनशन पर बैठे थे।
बता दें कि प्रशासन द्वारा उन्हें जबरन उठाकर दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत और खराब हो गई। आत्मबोधनंद ने प्रशासन पर अस्पताल में उनकी हत्या करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

इसके बाद अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे आत्मबोधनंद मातृसदन के अनुयायी के साथ बिना किसी को बताए मातृसदन वापस आ गए। जिसके बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार देखा गया।

प्रशासन की तरफ से वार्ता का कोई प्रयास नहीं किया गया है। आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती सहित कई मंत्री व नेता हरिद्वार, देहरादून सहित विभिन्न जनपदों में प्रचार के लिए गए थे, लेकिन आत्मबोधानंद की सुध किसी ने नहीं ली।