भोपाल TIO
मंजिल तक पहुंचाने वाली सड़कें एमपी की नेक्स्ट जेनरेशन को मौत के मुहाने तक ले जा रही हैं। सड़क हादसों को लेकर आई राज्य सड़क सुरक्षा सेल की ताजा रिपोर्ट के आंकड़े तस्दीक करते हैं कि सड़क हादसों में हर साल होने वाली 52 फीसदी मौत 18 से 35 वर्ष के युवाओं की होती है। राज्य सड़क सुरक्षा सेल की रिपोर्ट में 2017 के आंकड़ों से यह पता चला है कि सड़क दुर्घटनाओं में कुल 10,177 लोगों की मौत हुई। इसमें सबसे ज्यादा 18 से 35 साल के 5,292 युवाओं की जान गई। जबकि 35 से 45 साल के 2,137, 45 से 60 साल के 1,221, 60 से अधिक साल के 6,10 और 18 से कम साल के 9,15 लोगों की मौत हुई है।
मध्यप्रदेश में हर दिन 146 सड़क हादसों में 28 व्यक्तियों की मौत और 158 व्यक्ति घायल हो रहे हैं। राज्य सड़क सुरक्षा सेल की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 2016 की तुलना में 2017 सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत की संख्या में 5।50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश में 2017 में 53,399 सड़क दुर्घटनाओं में 57,532 व्यक्ति घायल और 10,177 व्यक्तियों की जान गई है। रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा युवाओं की मौत होती है। ये वो उम्र होती है, जब व्यक्ति अपना करियर बना रहा होता है। साथ ही उस पर तमाम जिम्मेदारियां में आती हैं। सड़क हादसों में सबसे ज्यादा युवाओं की हो रही मौत के पीछे स्पीड लिमिट और शराब पीकर वाहन चलाना बड़ी वजह बताई जा रही है।
आयु वर्ग के हिसाब से दुर्घटनाओं में मौत के आंकड़े-
हर साल हादसों में 18 से 35 वर्ष के युवाओं की सबसे ज्यादा मौत होती है। कुल हादसों में 52 प्रतिशत मौत इस आयु वर्ग में होती है। आंकड़ो के मुताबिक 35 से 45 वर्ष आयु वर्ग में 21 फीसदी, 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 12 प्रतिशत और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 6 फीसदी लोगों की मौत होती है। वहीं, 18 वर्ष से कम आयु वर्ग की हादसों में मौत का आंकड़ा 9 प्रतिशत है।
दर्ज होगा गैर इरादतन हत्या का केस-
पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान ने युवाओं के साथ हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश के सभी एसपी को पत्र लिखकर चेकिंग के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। नए प्रावधान के तहत अब शराब पीकर वाहन चलाने वाले ड्राइवर से हादसा होता है और हादसे में किसी की मौत होती है, तो आरोपी ड्राइवर पर गैर इरादतन हत्या की एफआईआर होगी। इस कार्रवाई से आरोपी को थाने से जमानत नहीं मिल सकेगी।

