एक देश, एक चुनाव’ पर सर्वदलीय बैठक में केजरीवाल, ममता सहित इन नेताओं ने बनाई दूरी

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नई दिल्ली

एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों के साथ आज बैठक करेंगे। हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बैठक में शामिल नहीं होंगी। ममता के अलावा डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, के चंद्रशेखर राव और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने भी बैठक में शामिल नहीं होंगे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होंगे। केजरीवाल की जगह आप नेता राघव चड्ढा पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

आज पार्टी अध्यक्षों के साथ बैठक करने के साथ पीएम मोदी 20 जून को लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ बैठक करेंगे। केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री बैठक में ‘एक देश एक चुनाव’ और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि पीएम मोदी संसद में टीम भावना का निर्माण करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने 20 जून को सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की बैठक बुलाई है। साथ ही सभी सांसदों को प्रधानमंत्री की तरफ से डिनर पर आमंत्रित किया गया है।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर आज निर्णय लेंगे कांग्रेस और सहयोगी दल
कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विषय पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अपने रुख को लेकर बुधवार सुबह फैसला करेंगे। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के घटक दलों की बैठक हुई, हालांकि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विषय पर कोई फैसला नहीं हुआ। बैठक के बाद इस बारे में पूछे जाने पर सोनिया गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि आप को इस पर बुधवार को बताया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस और सहयोगी दल बुधवार सुबह संसद भवन में मुलाकात बैठक करेंगे जिसमें यह फैसला होगा कि प्रधानमंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक में उनका क्या रुख रहेगा।

दिल्ली में पार्टी प्रमुखों की बैठक में शामिल नहीं होंगी ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राजनीतिक दलों के प्रमुखों की होने वाली बैठक में भाग नहीं लेंगी। उन्होंने इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को मंगलवार को पत्र लिखकर सरकार को सलाह दी कि वह ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर ‘‘जल्दबाजी’’ में फैसला करने के बजाए इस पर एक श्वेत पत्र तैयार करे।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को लागू करना मुश्किल कार्य है: टीआरएस नेता
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के एक वरिष्ठ नेता ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव ’ के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि इसे लागू करना एक मुश्किल कार्य है। लोक सभा के पूर्व सदस्य बी विनोद कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी ने राजग सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान विधि समिति के समक्ष एक साथ चुनाव आयोजित करने को लेकर अपना पक्ष रखा था। पार्टी का रुख एक ही साथ चुनाव कराने के पक्ष में था। कुमार ने कहा कि तब भी हमारा यही रूख था और अब भी हमारा यही रूख है।

एक राष्ट्र, एक चुनाव भाजपा का फैंसी आइडिया: भाकपा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने कहा है कि एक राष्ट्र, एक चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का फैंसी आइडिया है और यह न तो संभव है और न ही इसकी आवश्यकता है। भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने सवाल करते हुये कहा कि अगर कोई राज्य सरकार किसी वजह से अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाती है तो ऐसे में क्या होगा। उन्होंने कहा कि जब कोई राज्य सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी तो वहां पर उपचुनाव होगा ही। आप लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित नहीं कर सकते हैं और न ही उन्हें अगले चुनाव तक इंतजार करने के लिए कहा जा सकता है।