ओम बिड़ला स्पीकर चुने गए, मोदी खुद उन्हें चेयर तक लेकर आए

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नई दिल्ली।

17वीं लोकसभा के बजट सत्र के दौरान लोकसभा के नए स्पीकर का चुनाव हो चुका है। सदन की कार्यवाही के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने सदन में राजस्थान के कोटा से सांसद ओम बिड़ला के नाम का प्रस्ताव किया है जिस पर प्रोटेम स्पीकर ने मतदान करवाया और ओम बिड़ला को लगभग सभी दलों से समर्थन मिल गया। इसके बाद ओम बिड़ला अगले पांच साल के लोकसभा के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी उन्हें स्वयं आसंदी तक लेकर गए। इसके बाद एक-एक करके सांसदों ने बिड़ला को अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी।

बता दें कि राजस्थान के कोटा से दूसरी बार सांसद ओम बिरला को लोस स्पीकर का प्रत्याशी तय किया था और कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने भी इस पद के लिए कोई प्रत्याशी नहीं उतारा और उन्हें समर्थन दे दिया। बिरला ने राजग प्रत्याशी के रूप में मंगलवार को नामांकन दाखिल कर दिया। पीएम मोदी खुद उनके प्रस्तावक व राजग के तमाम सहयोगी दल अनुमोदक बने थे।

तीन बार राजस्थान के विधायक रहे, दूसरी बार सांसद चुने गए
राजनीतिक गलियारों में लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए ओम बिरला का नाम भले ही चौंकाने वाला रहा है, लेकिन संसदीय अनुभव उनके पास है। 57 वर्षीय बिरला तीन बार (2003, 2008 और 2013) राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे हैं। उन्होंने संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली है। वह लगातार दूसरी बार कोटा से जीतकर लोकसभा में पहुंचे हैं। राजनीति के क्षेत्र में उन्हें सबको साथ लेकर चलने में माहिर माना जाता है। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उप्र की कई जेलों में यातनाएं भोगी।

डिप्टी स्पीकर पद कोलेकर कांग्रेस मौन
कांग्रेस व संप्रग के उसके सहयोगियों ने फैसला किया है कि वह स्पीकर पद के लिए ओम बिरला का समर्थन करेंगे। लोस में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह जानकारी दी। हालांकि उन्होंने डिप्टी स्पीकर पद को लेकर मौन साध लिया। मनोहर जोशी पहली बार सांसदबनने पर ही स्पीकर बने थेयह कोई पहला मौका नहीं है जब वरिष्ठता की बजाए पसंद के नेता को स्पीकर का प्रत्याशी बनाया गया है। इससे पहले 2002 में पहली बार सांसद बने शिवसेना नेता मनोहर जोशी स्पीकर बने थे। उन्हें दूसरी बार के सांसद जीएमसी बालयोगी की हेलिकॉप्टर हादसे में मृत्यु के बाद स्पीकर चुना गया था।