मुंबई
अर्जुन पटियाला’ एक कॉमिडी फिल्म है जिसकी कहानी एक पुलिसवाले अर्जुन पटियाला (दिलजीत दोसांझ) और उसके साथी ओनिड्डा सिंह (वरुण शर्मा) के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में यह दिखाया गया है कि वह शहर को कैसे मजेदार तरीके से क्राइम फ्री करने की कोशिश करते हैं। फिल्म में फीमेल लीड में कृति सैनन हैं।
कहानी: पंजाब के एक काल्पनिक शहर फिरोजपुर में पुलिस वैन पर स्लोगन लिखा ‘हमेशा आपके साथ’। इस वैन का चार्ज है हैंडसम पुलिसवाले अर्जुन पटियाला के पास जिसकी जिंदगी में केवल तीन प्राथमिकताएं हैं जो हैं वुमन, विस्की और वर्क। उसका मजेदार कॉन्स्टेबल है ओनिड्डा सिंह जिसका कई बार दिल टूट चुका है और उसने महिलाओं से दूरी बना ली है। ओनिड्डा ने अपनी भैंस को ही अपनी गर्लफ्रेंड बना लिया है। इसी बीच एक टीवी रिपोर्टर रितु रंधावा (कृति सैनन) की फिल्म में एंट्री होती है जो फिरोजपुर के गुंडों के बारे में रिपोर्टिंग करती है। एक विवेकहीन एमएलए प्राप्ती मक्कड़ (सीमा पहवा) भी हैं जिसे ‘प्रॉपर्टी मक्कड़’ कहा जाता है क्योंकि वह बेईमानी से प्रॉपर्टी हड़प लेती है। इसी बीच एक गुंडा सकूल (मोहम्मद जीशान अयूब) और आईपीएस गिल (रोनित रॉय) भी है। ये सभी पात्र एक काल्पनिक कहानी वाली फिल्म के पात्र हैं।
रिव्यू: फिल्म के पात्र कभी भी ऑडियंस से बात करने लगते हैं जो अजीब लगता है और इस कारण आप फिल्म को सीरियली नहीं ले सकते हैं। फिल्म का पहला हाफ हल्का-फुल्का है जिसमें आपको कैमियो में सनी लियोनी भी देखने को मिलेंगी। दिलजीत दोसांझ ने अच्छी परफॉर्मेंस दी है और उनका कैरक्टर अच्छा लगता है। हिरोइन नंबर 1 के रूप में इंट्रोडूस कराई गईं कृति सैनन भी खूबसूरत लगी हैं लेकिन उनका कैरक्टर कमजोर दिखता है। फिल्म में सबसे मजाकिया पात्र वरुण शर्मा का है जो फिल्म में ह्यूमर लाते हैं। सेकंड हाफ में फिल्म की कहानी, डायरेक्शन सबकुछ बचकाना और बेसिर-पैर का है। अच्छी बात यह है कि फिल्म में कॉमिडी के लिए कुछ ही अश्लील करने की कोशिश नहीं की गई है। फिल्म का म्यूजिक एवरेज है केवल ‘प्रीतो’ सॉन्ग अच्छा डांस नंबर है।

