सिंध नदी में आया उफान, शिवपुरी के कई गांव टापू में तब्दील

0
709

शिवपुरी

पिछले कुछ दिनों से पूरे मध्य प्रदेश में आफत की बारिश बरस रही है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले सब उफान पर हैं। शिवपुरी के बदरवास में हालात बेकाबू हो गए हैं। 27 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब सिंध नदी ने रौद्र रूप दिखाया है। नदी उफान पर है। जनपद के कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। ऐसे में एनडीआरएफ की टीमों ने मोर्चा संभाला है और एक दर्जन से ज्यादा लोगों को बोट के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।

बदरवास से 14 किलो मीटर दूर रेझा घाट गांव बीती रात उफनी सिंध नदी के चलते टापू में तब्दील हो गया है। जिला प्रशासन ने ग्वालियर की एनडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया। रात भर इंतजार के बाद अलसुबह टीम ने इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और महिलाओं बच्चों समेत कई बुजुर्गों को अशोकनगर इलाके के रावसर ग्राम के एक सुरक्षित स्कूल में पहुंचा दिया। सिंध नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बदरवास के कई गांवों में सिंध नदी का पानी घुस गया है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। वहीं रेशम माता का मंदिर भी सिंध नदी में आए उफान के चलते डूब गया है। अगर इसी तेजी से सिंध नदी का जलस्तर बढ़ा तो अटल सागर मड़ीखेड़ा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। निचले इलाकों में अभी से ही अलर्ट जारी कर दिया गया है।

कोलारस के इलाकों में भी सिंध कहर बरपा रही है। पचावली के पुराने पुल के 12 फीट ऊपर और नए बन रहे पुल के 4 फीट नीचे बह रही है। सड़बुड़ का पुल निर्माण के बाद पहली बार डूब गया है। हरिपुर सहित कई गांवों में फसलें बर्बाद हो गई हैं। भडोता, लालपुर, संगेश्वर, पचवली, साखनोर, टामकी जबकि पिपरौदा बुजुर्ग से पचावली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जलमग्न हो गई है। इसके चलते 1 दर्जन से अधिक ग्रामों का संपर्क टूट गया है। पिछोर अनुविभाग के बामोरकलां में बेतवा नदी भी उफान पर है। राजघाट बांध के गेट खोलने से बढ़ा पानी।