कोलकाता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र विपक्षी नेताओं को डरा-धमका रहा है, या फिर उन्हें खरीद रहा है। ममता ने कहा कि सभी स्वायत्त संस्थानों में ऐसे अफसर बैठा दिए गए हैं, जो सरकार का हुक्म मानते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अपने खिलाफ बोलने वाली आवाज को बंद करने के लिए केंद्र ताकत का इस्तेमाल कर रहा है।
ममता ने कहा- अब केंद्र की नजर पश्चिम बंगाल पर है, क्योंकि हम उनकी नीतियों का लगातार विरोध करते आए हैं। केंद्र चाहे तो मुझे जेल में डाल सकता है, लेकिन मैं कभी भाजपा के सामने सर नहीं झुकाऊंगी।
“मैं देखती हूं बंगाल पर कब्जा कैसे करते हैं’
ममता ने कहा, “अगर केंद्र मुझे जेल में डालता है तो मैं इसे आजादी के लिए संघर्ष के तौर पर देखूंगी। एक सरकार, एक नेता और एक पार्टी से हम राष्ट्रपति चुनाव के फॉर्मेट की तरफ बढ़ रहे हैं। सभी पार्टियां टूट रही हैं। जब कर्नाटक में सरकार गिरी तो किसी ने कुछ नहीं कहा। वे कहते हैं कि वे बंगाल पर भी कब्जा कर लेंगे। मैं देखती हूं यह कैसे होता है।”
“केंद्र ने संस्थानों की स्वतंत्रता से छेड़छाड़ की’
ममता ने सरकार पर स्वायत्त संस्थानों की स्वतंत्रता से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सभी अहम संस्थानों को रिटायर्ड नौकरशाह चला रहे हैं, जो सिर्फ सरकार का हुकुम मानते हैं। ममता ने कहा कि केंद्र या तो विपक्ष के नेताओं को डरा रहा है या फिर उन्हें पैसे की दम पर खरीद रहा है।
तृणमूल ने किया था अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी किए जाने का विरोध
केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के फैसले का ममता की पार्टी टीएमसी संसद में विरोध कर चुकी है। हाल ही में हुए वर्ल्ड ह्यूमैनिटेरियन डे पर उन्होंने कहा था कि कश्मीर में लोगों के मानवाधिकारो का उल्लंघन हो रहा है। हमें कश्मीर में मानवाधिकार और शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

