नई दिल्ली। यदि आप आशियाना खरीदना चाहते हैं तो थोड़ा इंतजार कर लीजिए ताकि ह्यरेरा रजिस्ट्रेशनह्ण के नाम पर कोई भी बिल्डर आपको धोखा न दे सके। बिल्डर (प्रमोटर) के लिए अब रेरा की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट संबंधी पूरा ब्योरा देना अनिवार्य कर दिया गया है। दो माह में ब्योरा न देने वाले बिल्डरों के खिलाफ रेरा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे बिल्डर को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।
Builder in the round of Rare, will not be able to give cheating on the name of registration
दरअसल, भवन-भूखंड खरीदने वालों को प्रमोटर की मनमानी व धोखाधड़ी से राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) है। इसके तहत पिछले वर्ष 26 जुलाई को रेरा की वेबसाइट(यूपी-रेरा.इन) लांच की गई थी, जिस पर प्रमोटर को खुद के साथ ही अपने प्रोजेक्ट का आनलाइन पंजीकरण कराना था। वेबसाइट पर 1292 प्रमोटर्स अपने 386 नए व 2012 पहले से चल रहे प्रोजेक्ट का पंजीयन कराकर भवन-भूखंड व फ्लैट बेच रहे हैं।
गौर करने की बात यह है कि प्रमोटर के पंजीयन का परीक्षण करने में ज्यादातर प्रोजेक्ट का पूरा ब्योरा ही नहीं मिला। ऐसे बिल्डरों द्वारा खरीददारों से धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद रेरा अध्यक्ष व प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने सोमवार को नए सिरे से रेरा की वेबसाइट लांच कर उस पर सभी प्रमोटर के लिए अनिवार्य रूप से प्रोजेक्ट संबंधी पूरा ब्योरा देने का आदेश दिया।
रेरा सचिव अबरार अहमद ने बताया कि अब किसी भी प्रमोटर को हर एक प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी वेबसाइट पर संबंधित डाक्यूमेंट सहित अपलोड करनी ही होगी। सचिव ने बताया कि पहले से पंजीकृत प्रोजेक्ट के बारे में प्रमोटर को दो माह में पूरी जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी।

