सीएए और एनआरसी के विरोध में बंद का आंशिक असर, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में नहीं खुली दुकानें, पुलिस प्रशासन सतर्क

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नई दिल्ली

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ बुधवार को विभिन्न संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया है। इस बंद को समर्थन देने के लिए शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने भी सड़कों पर उतरने का फैसला किया है। बहुजन क्रांति मोर्चा ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में 29 जनवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। बंद को कई मुस्लिम संगठनों ने भी समर्थन दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बिना सरकार के पक्ष सुने फिलहाल सीएए पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। भोपाल में भी कुछ दुकानें बंद रही तो कुछ खुली रही।

मंगलवार को ट्विटर पर #कल_भारतबंद_रहेगा हैशटैग टॉप ट्रेंड कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक बंद को सफल बनाने के लिए कई संगठनों, व्यापारियों ने अपना समर्थन दिया। वहीं, पुलिस ने भी अपनी तैयारी कर ली है। पुलिस अफसरों ने दावा किया है कि कोई भी व्यक्ति बंद के नाम पर किसी की दुकान जबरन बंद नहीं करा पाएगा। इधर, गृह विभाग ने सरकुर्लर जारी करके पुलिस को सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने व शांति-सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

इंदौर. सीएए और एनआरसी के विरोध में बुधवार को बहुजन क्रांति मोर्चा द्वारा भारत बंद का आव्हान किया गया है। बुधवार सुबह इंदौर में बंद का आंशिक असर देखा जा रहा है। पुराने इंदौर की अधिकांश दुकानें फिलहाल बंद है। शहर के चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है। कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव के अनुसार पुलिस-प्रशासन सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज पर निगरानी रखे हुए है।

इंदौर के जवाहर मार्ग पर बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है। सुबह 10 बजे तक राजमोहल्ला से लेकर पटेल ब्रिज तक लगभग सभी दुकानें बंद है। कई स्थानों पर चाय-पोहे की दुकानें भी नहीं खुली। बंबई बाजार, साऊथ तोड़ा, रानीपुरा, झंडा चौक पूरी तरह से बंद है। यहां स्थित दुकानों के बाहर बंद समर्थन के पोस्टर लगे हुए है। पूरे जवाहर मार्ग पर कुछ-कुछ दूरी पर पुलिस बल तैनात है।