TIO NEW DELHI
सात प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों के समूह ने विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को पत्र लिखा है और उनसे अपील की है कि वो अपने भारतीय समकक्ष के साथ भारत में चल रहे किसान आंदोलन के मामले को उठाएं। इस समूह में भारतीय मूल की अमेरिकी सीनेटर प्रमिला जयपाल भी शामिल हैं।
भारत ने विदेशी नेताओं और राजनैतिकों के बयान का जवाब देते हुए इसे गलत सूचित और अनुचित बताया है। भारत की ओर से बयान दिया गया है कि ये एक लोकतांत्रिक देश का आंतरिक मामला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने महीने की शुरुआत में कहा था कि भारत में किसान आंदोलन को लेकर हमें कुछ गलत कमेंट्स सुनने को मिल रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के बयान अनुचित हैं, खासकर जब वो एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से संबंधित हो। 23 दिसंबर को सांसदों ने माइक पोम्पियो को पत्र लिखा था। सांसदों का कहना है कि ये मुद्दा विशेष तौर पर सिख अमेरिकी लोगों से जुड़ा हुआ है, जो पंजाब से संबंध रखते हैं।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को आज एक महीना हो गया है। सरकार से बातचीत के न्योते की नई चिट्ठी पर किसान आज फैसला ले सकते हैं। सरकार की तरफ से गुरुवार को चिट्ठी लिखी गई थी। इसमें कहा कि किसान नेता बातचीत के लिए तारीख और समय तय कर बताएं। लेकिन, मांगें पूरी नहीं होते देख किसानों ने विरोध तेज कर दिया है। हरियाणा में आज से 3 दिन तक टोल फ्री करेंगे।
8 दिन में सरकार ने किसानों को तीसरी चिट्ठी लिखी है। इसमें लिखा है कि तीनों कानूनों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस पर लिखित भरोसा देने को तैयार हैं, लेकिन इस बारे में कृषि कानूनों से अलग नई मांग रखना ठीक नहीं।
किसान बोले- सरकार गोलमोल बातें कर उलझा रही
भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सरकार अभी भी गोलमोल बातें कर उलझा रही है। वह किसानों को दो फाड़ करने के लिए अलग-अलग मीटिंग करना चाहती है, जो हमें मंजूर नहीं। कोई ठोस फैसला न होने पर देशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कई जगह जियो टावरों की बिजली काटी
मांगें पूरी नहीं होती देख किसानों ने मलोट, संगरूर, फिरोजपुर, मोगा, पट्टी, छेहरटा समेत कई जगहों पर गुरुवार को रिलायंस जियो के टावरों के बिजली कनेक्शन काट दिए। हरियाणा में सिरसा के गांव गदराना में भी टावर की बिजली काटी गई। वहां पुलिस पहुंची, लेकिन कनेक्शन बहाल नहीं करा पाई। वहीं, जींद के उचाना में डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला के लिए बने हेलीपैड को किसानों ने उखाड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने वहां पर काले झंडे लगा दिए। विरोध को देखते हुए डिप्टी CM का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बाॅर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, ‘हमें यहां बैठे हुए करीब एक महीना हो गया है, हमारी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। जब तक काले कानून वापस नहीं होंगे हम यहीं पर बैठेंगे।’ हालात ये है कि महीने भर में करोड़ों का नुकसान मालिकों को झेलना पड़ा है। साथ ही एनएचआई को एक दिन का टोल का किराया करीबन 45 लाख रुपये दिया जाता है और इसी के चलते दिन 45 लाख निकाल पाना बेहद मुश्किल हो गया है। हालांकि टोल मैनेजर का कहना है कि 3 दिन के टोल फ्री होने की सूचना स्थानीय प्रशासन के साथ NHI को दी गई है। किसान आंदोलन के चलते 25, 26 और 27 तीन दिन के लिए टोल फ्री करने का एलान किसानों द्वारा किया गया था और इसी के चलते मुरथल में स्थित भिगान टोल प्लाजा को किसानों द्वारा सुबह 9 बजे टोल फ्री करवाया गया है। आने-जाने वाले किसी भी वाहन से कोई भी पैसा नहीं लिया जा रहा है।
वहीं महीना भर से किसानों के किसी भी जत्थे से कोई भी टोल नहीं लिया जा रहा। इसके साथ ही पानीपत से भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्ट करने से भी टोल प्लाजा को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोनीपत में NH 44 पर स्थित मुरथल टोल को किसानों द्वारा फ्री करवाया गया है। देर रात से टोल सुचारू रूप से चल रहा था लेकिन सुबह करीब 9:00 बजे किसानों का एक जत्था टोल पर पहुंच गया और फिर टोल को फ्री कराया। वहीं टोल फ्री होने के बाद किसी भी वाहन से किसी भी प्रकार का कोई भी पैसा नहीं लिया जा रहा है। कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बाॅर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, ‘हमें यहां बैठे हुए करीब एक महीना हो गया है, हमारी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। जब तक काले कानून वापस नहीं होंगे हम यहीं पर बैठेंगे।’ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के नौ करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ की सम्मान निधि हस्तांतरित करेंगे। भाजपा ने इसे उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसके लिए उसकी ओर से आयोजित कार्यक्रमों में एक करोड़ किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मोदी छह राज्यों के किसानों से संवाद भी करेंगे और किसान सम्मान निधि और किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा की गई अन्य पहल के बारे में अपने अनुभव साझा करेंगे। एक तरफ कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन चल रहा है, तो वहीं, केंद्र सरकार आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) की किश्त जारी करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 9 करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपए की किश्त ट्रांसफर करेंगे। हर किसान के खाते में 2-2 हजार रुपए जाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री 6 राज्यों के किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात भी करेंगे। इस कार्यक्रम को देशभर के 2 करोड़ से ज्यादा किसानों को दिखाया जाएगा।

