TIO NEW DELHI
मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में भारत में सड़क से संसद तक संग्राम जारी है। इस बीच अमेरिका ने कृषि कानूनों को लेकर भारत का समर्थन किया है। बाइडन प्रशासन ने कहा कि वह मोदी सरकार के इस कदम का स्वागत करता है। इससे दुनिया में भारतीय बाजार का प्रभाव बढ़ेगा और निजी क्षेत्र में अधिक निवेश को आकर्षित करेंगे। साथ ही अमेरिका ने यह भी स्वीकार किया कि कृषि कानूनों पर शांतिपूर्ण विरोध एक संपन्न लोकतंत्र की एक बानगी है। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन का आज 71वां दिन है। इस बीच गाजीपुर बॉर्डर पर हलचल आज फिर बढ़ गई है। शिरोमणि अकाली दल की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिरत कौर बादल समेत 10 विपक्षी दलों के 15 नेता आज किसानों से मिलने गाजीपुर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
उधर, किसान कानून वापसी की मांग पर अड़े हैं। इसी सिलसिले में हरियाणा के जींद जिले के कंडेला गांव में बुधवार को किसान महापंचायत हुई। इसमें भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अब कृषि मंत्री या फिर किसी और मंत्री से बातचीत नहीं करेंगे। अब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को बातचीत के लिए आगे आना होगा।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान मारे गए किसान के परिजनों को सांत्वना देने रामपुर जा रही हैं। वह सुबह अपनी कार से दिल्ली से रामपुर के लिए रवाना हुईं। वहीं प्रियंका गांधी के काफिले में चल रही कारें हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में नेशनल हाईवे-9 फ्लाईओवर पर हादसे का शिकार हो गई।
अचानक ब्रेक लगने से दो से तीन गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हालांकि प्रियंका गांधी की कार को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि कार कार्यकर्ताओं की थी। इस दौरान नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

