परिजनों ने हीरामन की किडनी ट्रांसप्लांट कराने सरकार से मांगी आर्थिक मदद

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बेटे की जान बचाने मां किडनी देने को तैयार

सीहोर। मां आखिर मां है। उसकी जगह कोई नहीं ले सकता। अपने जिगर के टुकड़े की जान बचाने के लिए वो मौत से भी लड़ सकती हैं। मां के बलिदान के यूं तो हजारों किस्से हैं लेकिन यहां हम ऐसी माता का जिक्र कर रहे हैं, जिन्होंने अपने बेटे की जान बचाने अपनी किडनी बेटे को देने का फैसला लिया है। जी हां हम बात कर रहे है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के ग्राम दुपाड़िया दांगी की काकड़ कॉलोनी की। यहां के रहने वाले हीरामन मेवाड़ा की किडनी खराब हो गई है। उसकी मां का एक ही सवाल  है उनका लाल जल्द ठीक हो जाए। आज भी वो खुद से ज्यादा अपने बेटे का ख्याल रखती हैं।
गौरतलब है कि सीहोर जिले के ग्राम दुपाड़िया दांगी की काकड़ कॉलोनी निवासी रामनारायण के पुत्र हीरामन मेवाड़ा की कुछ दिन तो दवा चली लेकिन बाद में डॉक्टरों ने कह दिया कि बगैर ट्रांसप्लांट के काम नहीं चलेगा। डॉक्टरों ने जब जवाब दे दिया तो सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि किडनी देगा कौन। आखिरकर उसकी मां ने अपने जिगर के टुकड़े की जान बचाने किडनी देने का फैसला लिया।


इलाज के पैसे नहीं, सरकार से लगाई मदद की गुहार
हीरामन मेवाड़ा के पिता रामनारायण मेवाड़ा ने बताया कि पिछले छह माह से हीरामन का इलाज चल रहा है अभी तक चार लाख रुपए का इलाज करा चुके है, लेकिन अभी बेटे की किडनी ट्रांसप्लाट कराने में बहुत पैसे लगेंगे, सम­ा नहीं आ रहा है कि इतने पैसे का इंतजाम कैसे होगा। हमारी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है, यदि इसमें सरकार या जनप्रतिनिधि कुछ मदद कर दे तो उनके हम सदैव अभारी रहेंगे। परिजनों ने बताया कि अब तो जमीन बेचने की नौबत आ गई है।


इंदौर के चौथराइम अस्पताल में चल रहा इलाज
परिजनों का कहना है कि हीरामन मेवाड़ा का डायलिसिस करवा रहे हैं लेकिन डॉक्टरों ने कहा मरीज को डायलिसिस पर ज्यादा दिन नहीं रखा जा सकता। जितनी जल्दी हो सके मरीज को किडनी लगाना होगा।

Father Name: Ramnaratan mewada