घर से बगावत कर एस्थर ने लिखी अपनी किस्मत

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SHASHI KUMAR KESWANI

नमस्कार दोस्तों हम अक्सर ऐसी फिल्मी शख्सियतों की बात तो करते है जिन्हें हम आसानी से जानते-पहचानते है। कई बार ऐसी शख्सियतें चुनते है। जिनके बारे में बहुत कम लोग ही जानते है। हमारी कोशिश रहती है कि आप उन लोगों को भी जरूर जाने जिनके बारे में आप कुछ भी नहीं जानते। इसी कड़ी में आज मैं एक ऐसी शख्सियत एस्थर विक्टोरिया अब्राहम की बात कर रहा हूं जो खुद तो पहली मिस इंडिया रही है पर उनकी बेटी भी मिस इंडिया रह चुकी है। ये पहली मां बेटी की जोड़ी है जो दोनों मिस इंडिया रह चुकी है। आप में से शायद बहुत से लोगों को यह पता नहीं होगा कि एस्थर काफी खूबसूरत, लंबी चौड़ी और बेहद टैलेंटेड भी थीं। एस्थर विक्टोरिया अब्राहम जिन्हें ज्यादातर लोग प्रमिला के नाम से जानते हैं। प्रमिला का जन्म 30 दिसंबर 1916 में कोलकाता की एक बगदादी फैमिली में हुआ था। इनके पिता रीबन अब्राहम एक यहूदी बिजनेसमैन थे और मां माटिल्डा कराची, पाकिस्तान से थीं। पिता को पहली शादी से तीन बच्चे थे, जबकि प्रमिला के 6 भाई-बहन थे। प्रमिला ऐसे यहूदी परिवार से ताल्लुक रखती थीं, जहां महिलाओं को तमाम पाबंदियों के साथ पर्दे में रखा जाता था, लेकिन प्रमिला समाज की बेड़ियों में बंधने वाली नहीं थीं। महज 17 साल की उम्र में प्रमिला परिवार के खिलाफ गईं और घर छोड़ दिया था। बचपन से उन्हें डांस और एक्टिंग करना बेहद पसंद था। कोलकाता से मुंबई पहुंचीं तो कुछ दिनों के संघर्ष के बाद इन्हें बॉम्बे के पारसी ट्रैवलिंग थिएटर ग्रुप के साथ काम करने का मौका मिला। इस थिएटर ग्रुप में ये बतौर अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक एंटरटेनर की तरह काम करती थीं। वह मॉडलिंग में भी काफी एक्टिव रहती थीं। उन्हें उस दौर में फैशन आइकॉन माना जाता था।

उन्होंने करियर के पीक पर शादी करने का फैसला लिया था। एक बार प्रमिला छुट्टियां मनानेअपनी बहन के घर पहुंची थीं। बॉम्बे में घूमते हुए उस जमाने के मशहूर डायरेक्टर आर्देशिर ईरानी की प्रमिला पर नजर पड़ी और उन्होंने तुरंत रिटर्न आॅफ तूफान मेल फिल्म का आॅफर दे दिया। प्रमिला ने 1935 में इस फिल्म से हिंदी सिनेमा में पहला कदम रखा। जब प्रमिला ने एक डायरेक्टर के सामने ऊंची आवाज में बात की, तो वो नाराज हो गए। सबक सिखाने के लिए डायरेक्टर ने शूटिंग के दौरान तीन बार प्रमिला से कुतुब मीनार की सीढ़ियां चढ़ने-उतरने को कहा। प्रमिला को काफी देर बाद समझ आया कि स्क्रिप्ट में ना ही कोई ऐसा सीन है और ना ही कैमरा में रील लगी है। कई कारणों से ये फिल्म कभी पूरी ही नहीं हो सकी।

कड़ी मेहनत करने के बावजूद जब प्रमिला की पहली फिल्म नहीं बन सकी तो वो निराश हो गईं। उन्होंने बॉम्बे छोड़कर कोलकाता वापस जाने का फैसला किया, लेकिन आर्देशिर ईरानी इसके खिलाफ थे। उन्होंने प्रमिला को रोकने की कई कोशिशें की और आखिरकार उन्हें एक साथ 5 फिल्में दे दीं। प्रमिला इस बार मान गईं। उन्होंने 1935 की फिल्म भिखारन से फिल्मी दुनिया में कदम रखा। प्रमिला ने एक के बाद एक महामाया, सरला और हमारी बेटियां जैसी हिट फिल्में दीं। इन्होंने पहली बार जंगल किंग में स्टंट किया। प्रमिला ने दो शादियां की थीं। पहले पति से इन्हें एक बेटा था। इनकी एक फिल्म कोलकाता के सांप्रदायिक दंगों के बीच रिलीज होनी थी। नुकसान के डर से डायरेक्टर ने सैयद हसन अली जैदी को कुमार नाम दिया था। प्रमिला ने कंचन, शहजादी, बसंत जैसी कई बेहतरीन फिल्में दीं। पति कुमार ने जब 16 मार्च 1942 में प्रोडक्शन हाउस सिल्वर फिल्म्स शुरू किया तो प्रमिला भी इसका अहम हिस्सा बन गईं और अपने करियर में करीब 16 फिल्में प्रोड्यूस कीं। 1962 में प्रमिला के पति अपना सब कुछ छोड़कर पाकिस्तान जाना चाहते थे, लेकिन प्रमिला इसके लिए राजी नहीं थीं। पति नहीं माना तो वो भारत में ही रुक गईं। प्रोडक्शन हाउस बंद होने की कगार में था और प्रमिला के इंडस्ट्री के लोगों के संबंध भी लगभग खत्म होने लगे थे। आखिरकार 1960 में प्रमिला ने आखिरी फिल्म बहाना प्रोड्यूस की और 1961 की मुराद के बाद फिल्मों में काम करना भी बंद कर दिया। फिल्मों से दूर होने के बाद प्रमिला अपने बच्चों के साथ शिवाजी पार्क- दादर वेस्ट में अपने प्रमिला निवास में रहने लगीं। एस्थर करीब 90 साल तक जीवित रहीं, जहां उन्होंने अपनी आखिरी फिल्म थांग रही में अभिनय किया था। बता दें कि इस फिल्म को अमोल पालेकर ने डायरेक्ट किया था। 45 सालों तक इसी बंगले में रहते हुए 6 अगस्त 2006 में प्रमिला का 89 साल की उम्र में निधन हो गया।
जय हो…