TIO नागपुर

नागपुर की साहित्यिक संस्था वामा विमर्श मंच द्वारा वामा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया । सारस्वत अतिथि पर्यावरणविद् पद्मश्री डाॅ.जनक पलटा मगिलिगन म.प्र. से एवं महिला कमांडो की प्रणेता पद्मश्री शमशाद बेगम छत्तीसगढ़ से नागपुर पधारीं । महाराष्ट्र जलसम्पत्ति नियमन प्राधिकरण मुंबई की अध्यक्ष सीए श्वेताली ठाकरे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की । अंतरराष्ट्रीय कवयित्री मुख्य अतिथि डाॅ. कीर्ति काले नेसंतरा नगरी नागपुर में अपनी कविता के सशक्त रंग बिखेरे
और सभा को भाव विभोर कर दिया ।
जब डॉ कीर्ति काले जी ने सुनाया –
ये हैं कॉन्फिडेंट लड़कियाँ
ये हैं कॉन्फिडेंट
नज़रों में चिंगारी इनके
बातों में है सेंट
तो पूरा सभागृह तालियों की ताल से गूंज उठा।
महिलाओं की उपलब्धियों को वर्तमान
zen G की भाषा में प्रस्तुत करने का अनूठा अंदाज़ सबको इतना भाया कि प्रत्येक पंक्ति श्रोताओं ने अपने स्वर में दोहराई।
विशिष्ट अतिथि सिंगापुर से पधारी नीतू गुजराल ने अपनी पंजाबी कविता से सबका मन मोह लिया ।
सखियों के संग ग्रामीण भोली भाली लड़कियों की बातों,उनके मासूम से खेलों को,उनकी अल्हड़ता को पंजाबी भाषा की गमक ने नया रंग भर दिया
उद्घाटन सत्र में नागपुर से विविध भारती के पूर्व वरिष्ठ उद्घोषक किशन शर्मा जी मंच पर विराजमान थे ।
उद्घाटन सत्र में ही सम्मान एवं पुस्तक लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।
अंगवस्त्र,मणिमाल, सम्मान पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान कर विशिष्ट महिलाओं का सम्मान किया गया।
लगभग एक दर्जन पुस्तकों का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।
इस महत्वपूर्ण सत्र का अत्यंत प्रभावी एवं सुरुचिपूर्ण संचालन प्रसिद्ध व्यंग्यकार,लेखिका एवं वी.एम.वी.महाविद्यालय की हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ.आभा सिंह ने किया ।
भोजन अवकाश के पश्चात स्त्री सशक्तिकरण पर आधारित परिचर्चा अत्यन्त विचारोत्तेजक, सारगर्भित एवं सच्चाई पर आधारित रही। विभिन्न शहरों से पधारी वक्ताओं ने बेबाकी के साथ अपने स्पष्ट विचार रखे।
शीर्षक था — स्त्री विमर्श — कितना किताबी कितना जमीनी | इस सत्र की अध्यक्षता पावन परंपरा नामक पत्रिका के संपादक तथा आयुर्वेद महाविद्यालय बैतूल के संस्थापक व आयुर्वेदाचार्य डॉ गोविंद प्रसाद उपाध्याय जी ने की। वक्ताओं में भूगोलवेत्ता , पर्यावरण चिंतक एवं शिक्षाविद, हमीदिया महाविद्यालय भोपाल में भूगोल की प्राध्यापक प्रो. डॉ. अल्पना त्रिवेदी गिरी ,पत्रकार , लेखिका व फिल्म निर्देशक सुश्री प्रभा ललित सिंह थीं | तीसरी वक्ता के रूप में मालवा इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस व मैनेजमेंट की प्राचार्या संगीता सिंघानिया भारूका रहीं। भोपाल के कवि व कला पत्रकार महत्वपूर्ण वक्ता दीपक पगारे जी मंचासीन रहे। इस सत्र के अंतिम वक्ता श्री नथमल शर्मा जी थे जो वर्तमान में इवनिंग टाइम्स , बिलासपुर के संपादक हैं | इस सत्र का सफलतापूर्वक संचालन प्रो. डॉ. शुचिस्मिता मिश्रा ने किया जो वी एम वी महाविद्यालय नागपूर की इतिहास विभाग की प्रमुख व इतिहास अध्ययन मण्डल , रा . तु . म . विश्वविद्यालय नागपुर की अध्यक्ष भी हैं |
“गद्य लेखन के विविध आयाम” विषय पर विशेषज्ञों द्वारा विमर्श किया गया।
वृहद कवयित्री सम्मेलन भी सम्पन्न हुआ।
नागपुर के कवि एवं संयोजक श्री महेश तिवारी जी पूरे कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
सर्वांत में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सबका मन मोह लिया।
यह साहित्य उत्सव “वामा साहित्य मंच” एवं पंजबी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
आयोजन समिति में रहीं –
अन्तरराष्ट्रीय वामा साहित्य महोत्सव की अध्यक्ष श्रीमती रीमा दीवान चड्ढा, उपाध्यक्ष डॉ.आभा सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती शगुफ्ता यास्मीन, सचिव डॉ. नीलम शुक्ला पंजाबी साहित्य कला मंच की अध्यक्ष श्रीमती रेणु बाली, उपाध्यक्ष श्रीमती रुपिंदर छतवाल, उपाध्यक्ष श्रीमती चित्रा पुरी, सचिव श्रीमती रीमा दीवान चड्ढा।
महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परम्परा के अनुसार मुख्य द्वार पर सभी वामाओं का
हल्दी कुमकुम लगाकर,इत्र अर्पित कर स्वागत किया गया। मुख्य द्वार पर आकर्षक रंगोली बनाई गई थी। अतिथियों का स्वागत करने के लिए आयोजन समिति की सदस्याएँ महाराष्ट्रीयन पारम्परिक वेशभूषा में थीं।
महिलाओं ने अपनी क्षतमा को एक बार फिर साबित करके दिखा दिया।
आयोजन से जुड़ी सभी वामाओं को सफल, सार्थक एवं आत्मीय कार्यक्रम के लिए हार्दिक बधाई।
समारोह के कुछ चित्र साझा कर रही हूँ।


