तेल लेकर भारत पहुंचा ‘जग लाडकी’ जहाज:6 लाख बैरल क्रूड ऑयल लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट आया; दो जहाज पहले LPG लेकर पहुंचे थे

0
6

TIO तेल अवीव/तेहरान

भारतीय तेल टैंकर 'जग लाडकी' आज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है। यह 15 मार्च को UAE से निकला था। - Dainik Bhaskar
भारतीय तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ आज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है। यह 15 मार्च को UAE से निकला था।

भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर पहुंच गया है। यह UAE के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया है।

इसपर 80,886 मीट्रिक टन(लगभग 5.8–6 लाख बैरल) कच्चा तेल लदा है। भारत में हर रोज लगभग 5.5–5.6 मिलियन बैरल (करीब 90 करोड़ लीटर) तेल की खपत होती है।

इससे पहले मंगलवार को भारत का नंदा देवी जहाज गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा था। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई है।

वहीं, भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ आया था। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है।

अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकाने पर 2200kg का बम गिराया

ईरान ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव समेत 100 से ज्यादा जगहों पर मंगलवार रात को मिसाइल अटैक किया। ईरान का कहना है कि यह हमला लारिजानी, उनके बेटे और बसीज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की मौत का बदला है।

इसी बीच अमेरिका ने भी बड़ा एक्शन लिया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की कोशिश में समुद्र किनारे बने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर करीब 2200 किलो वजनी खतरनाक बम गिराया, जो जमीन के अंदर बने ठिकानों को भी तबाह कर देता है।

ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की तस्वीर। उन्होंने इस बात पर निराशा जताई थी कि जब ईरान पर हमला हुआ, तब मुस्लिम देशों से उसे उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला।
ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की तस्वीर। उन्होंने इस बात पर निराशा जताई थी कि जब ईरान पर हमला हुआ, तब मुस्लिम देशों से उसे उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला।

ईरान की कमान कौन संभालेगा? ये 5 नाम सबसे आगे

जंग में पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी समेत ईरान के कई बड़े नेता मारे गए हैं। ऐसे में ईरान की कमान संभालने के लिए 5 नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।

1. मुजतबा खामेनेई- ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर के बेटे हैं, उन्हें सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। 8-9 मार्च 2026 को एक्सपर्ट्स की एक बैठक में उन्हें नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। हालांकि, हाल के दिनों में वे सार्वजनिक तौर पर कम दिखाई दिए हैं, लेकिन माना जाता है कि आर्थिक और रणनीतिक मामलों में उनकी अच्छी पकड़ है।

2. मसूद पजश्कियान- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान भी इस वक्त खास रोल में हैं। युद्ध और संकट के समय देश का प्रशासन संभालने की जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है। ऐसे में उन्हें अस्थायी रूप से टॉप लीडर जैसा माना जा रहा है।

3. अहमद वाहिदी- रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) से जुड़े सीनियर नेता हैं, लारिजानी के बाद एक मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं। सेना और सुरक्षा मामलों में उनका अनुभव उन्हें प्रमुख उम्मीदवार बनाता है।

4. मोहम्मद बाघेर गालिबाफ- ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी इस लिस्ट में शामिल हैं। वे पहले IRGC कमांडर रह चुके हैं और सरकार के बड़े फैसलों में उनकी अहम भूमिका रहती है।

5. इस्माइल कानी- कुद्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल कानी भी इस समय अहम माने जा रहे हैं। वे विदेशों में ईरान के सैन्य ऑपरेशन्स और रणनीति को संभालते हैं, इसलिए युद्ध के समय उनकी भूमिका और भी बढ़ जाती है।

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

ईरान ने मंगलवार रात इजराइल पर 100 से ज्यादा मिसाइल दागीं।
ईरान ने मंगलवार रात इजराइल पर 100 से ज्यादा मिसाइल दागीं।
UAE पर मंगलवार रात ईरान के हमले का फुटेज।
UAE पर मंगलवार रात ईरान के हमले का फुटेज।
इजराइली डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार रात ईरान की एक मिसाइल को मार गिराया है।
इजराइली डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार रात ईरान की एक मिसाइल को मार गिराया है।

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

रिपोर्ट- इजराइल ने ईरान के खुफिया मंत्री को निशाना बनाया

इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ईरान पर हुए हालिया हवाई हमलों में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब को निशाना बनाया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ऑपरेशन के नतीजों का अभी आकलन किया जा रहा है और यह स्पष्ट नहीं है कि हमले में क्या नुकसान हुआ या लक्ष्य सफल हुआ या नहीं। फिलहाल इस मामले पर ईरान की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इससे पहले इजराइल ने ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और बसीज कमांडर गुलामरेजा सुलतानी को निशाना बनाया था, जिसमें दोनों अधिकारियों की मौत हो गई।

इजराइली हमले में ईरान में 7 लोगों की मौत

ईरान के लोरिस्तान प्रांत में इजराइल के हमले में सात लोगों की मौत हो गई और 56 लोग घायल हो गए। यह जानकारी प्रांत के सुरक्षा उप-गवर्नर के हवाले से तस्नीम समाचार एजेंसी ने दी है।

रिपोर्ट के अनुसार हमले में रिहायशी, नागरिक और घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया गया।

इससे पहले तस्नीम ने बताया था कि इसी प्रांत के चेगेनी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में हुए हमले में चार लोगों की मौत हुई थी।

लेबनान में हवाई हमले के बाद मलबे से परिवार को बचाया गया

लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार दक्षिणी लेबनान में इजराइली हवाई हमले के बाद सिविल डिफेंस की टीमों ने मलबे में फंसे चार लोगों के एक परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला।

यह परिवार उस समय मलबे के नीचे दब गया था जब उनका घर हमले में पूरी तरह तबाह हो गया। वहीं मौके पर मौजूद रिपोर्टरों के अनुसार दक्षिणी शहर सैदोन में भी इजराइली ड्रोन हमला हुआ है।

हमास ने लारीजानी की मौत पर दुख जताया

हमास ने ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मौत की निंदा करते हुए इसे धोखा बताया है। हमास ने लारीजानी की मौत पर संवेदना जताई है।

समूह ने कहा कि ईरान के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई पूरे क्षेत्र को निशाना बनाने वाला अपराध है। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा।

UN की समुद्री संस्था जंग को लेकर बैठक करेगी

UN की समुद्री संस्था इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) खाड़ी इलाके के हालात पर जल्द इमरजेंसी बैठक करने वाली है। यह बैठक इसलिए बुलाई गई है क्योंकि जंग की वजह से जहाजों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में है।

इस बैठक में कई देश हिस्सा लेंगे और बड़े फैसले हो सकते हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और खाड़ी के देश चाहते हैं कि ईरान के हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश की निंदा की जाए।

वहीं जापान, पनामा, सिंगापुर और UAE जैसे देश चाहते हैं कि फंसे हुए जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक सही प्लान बनाया जाए।

दूसरी तरफ ईरान का कहना है कि इन हालात के लिए अमेरिका और इजराइल जिम्मेदार हैं। ईरान के मुताबिक, समुद्र में जो भी खतरा बढ़ा है, वह इन्हीं देशों की वजह से हुआ है।