दावा-उद्धव शिवसेना में टूट, 9 में से 6 सांसद बागी:आज स्पीकर से मिल सकते हैं; राउत बोले- ₹50-50 करोड़ ऑफर, 3 चार्टर्ड से दिल्ली लाए

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TIO नई दिल्ली/मुंबई

उद्धव ठाकरे ने 14 जून को शिवसेना (UBT) सांसदों की बैठक बुलाई थी।

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज हैं। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। ये 6 सांसद आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं।

उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि सांसदों को 50-50 करोड़ रुपए ऑफर हुए हैं। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने कहा- मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए पहुंचाए गए हैं और उन्हें 3 चार्टर्ड विमानों से दिल्ली ले जाया गया है।

राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) के 9 में से सिर्फ 3 सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत मौजूद रहे। राउत ने कहा कि सांसदों को खुद सामने आकर अटकलों का खंडन करना चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव गुट के 6 से 7 सांसद मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंच गए हैं। सभी आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मंगलवार रात से दिल्ली में हैं। इधर, उद्धव और अन्य पार्टी लीडर्स अपने सांसदों से लगातार संपर्क करने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बातचीत नहीं हो पा रही है।

राउत का दावा- सांसदों को ₹50-₹50 करोड़ ऑफर हुए

शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि सांसदों को खरीदने के लिए ₹50-₹50 ऑफर हुए हैं। राउत ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के एक पोस्ट के जवाब में X पर लिखा, ‘एक सांसद का मिनिमम सपोर्ट प्राइज ₹50 करोड़ है। ₹15 करोड़ तो सिर्फ एडवांस है।’

इससे पहले महुआ मोइत्रा ने भी तंज कसते हुए लिखा था, “सिर्फ ₹15 करोड़? इतने सस्ते में क्यों जा रहे हैं? हमारे यहां तो ₹4 करोड़ एडवांस और बाकी कार्यकाल के लिए हर महीने ₹1 करोड़ देने की बात थी।’

राउत ने अपने एक और पोस्ट में दावा किया कि चार्टर्ड प्लेन से UBT सांसदों को महाराष्ट्र से दिल्ली ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा- डरपोक भेड़ियों के भागने को ऑपरेशन टाइगर क्यों कहा जा रहा है? इससे पहले राउत ने कहा था कि अगर ऑपरेशन टाइगर चला, तो हम ऑपरेशन वुल्फ शुरू करेंगे।

संजय दीना पाटिल बोले- मैं बागी लिस्ट में नहीं, UBT में ही रहूंगा

शिवसेना (UBT) सांसद संजय दीना पाटिल ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा- मेरा नाम किसी भी बागी सांसदों की लिस्ट में नहीं है। मैं उद्धव ठाकरे की पार्टी का सांसद हूं और इसी पार्टी में रहूंगा।

शिवसेना (UBT) सांसद ने मंत्री से मुलाकात की

उद्धव ठाकरे ने 14 जून को लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई थी। इसमें 9 में से 4 सांसद व्यक्तिगत रूप से और 4 ऑनलाइन शामिल हुए थे। सांसद संजय देशमुख पारिवारिक कारणों का हवाला देकर बैठक में शामिल नहीं हुए थे।

उन्होंने 15 जून को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात की थी। दोनों की मुलाकात पर राउत ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद एकजुट हैं। राउत के मुताबिक, सांसदों ने अपनी मां, बच्चों, साईंबाबा और देवी तुलजाभवानी की शपथ लेकर कहा कि वे उद्धव ठाकरे का साथ नहीं छोड़ेंगे।

स्पीकर से बागी गुट को मान्यता न देने की मांग

इस बीच UBT सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि अलग होने वाले किसी भी संभावित गुट को पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में मान्यता न दी जाए।

सावंत ने पत्र में कहा कि सदन में नेता, व्हिप और विधायी गतिविधियों से जुड़े अधिकार राजनीतिक दल से आते हैं, न कि केवल विधायक दल से। इसलिए पार्टी से अलग होकर कोई समूह खुद को अधिकृत प्रतिनिधि नहीं बता सकता।

चार साल पहले टूटी थी शिवसेना

20 जून 2022 को महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 में से 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ गए। तब उद्धव सीएम थे। राज्यपाल ने उन्हें फ्लोर टेस्ट को कहा। उद्धव सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट नहीं रोका तो उद्धव ने इस्तीफा दे दिया।

30 जून 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से सीएम बन गए। फिर दोनों गुट एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने फैसला स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया।

10 जनवरी 2023 को स्पीकर ने कहा कि जब बगावत हुई, तब शिंदे गुट में 37 विधायक थे। इसलिए यही असली शिवसेना है। स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कर दीं। इनकी सदस्यता भी रद्द नहीं की। इसी बीच, चुनाव आयोग ने शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को दे दिया।