ट्रम्प बोले-एक हमले में ईरानी लीडरशिप खत्म कर सकते थे:ईरान का जवाब- तुम्हारे पास न सभ्यता, न सम्मान; खामेनेई के जनाजे में उमड़े लाखों लोग

0
5

TIO तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी

ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के तीसरे दिन लाखों लोग पहुंचे हैं। - Dainik Bhaskar
ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के तीसरे दिन लाखों लोग पहुंचे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद था और अमेरिका चाहे तो एक ही हमले में सभी को खत्म कर सकता था।

एक्सिओस से बातचीत में ट्रम्प ने कहा, “हालांकि मैंने कि ऐसा नहीं किया, क्योंकि फिर बातचीत के लिए कोई नहीं बचता।” ट्रम्प ने जनाजे में रो रहे लोगों पर भी तंज कसते हुए कहा कि शायद ये आंसू भी नकली हों।

ट्रम्प के बयान पर ईरान ने पलटवार किया। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा, “लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं। आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान।”

दूसरी तरफ तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए तीसरे दिन लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी है। इस दौरान ‘डेथ टू अमेरिका’ और ‘डेथ टू इजराइल’ के नारे लगे।

खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी 4 तस्वीरें…

अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के ताबूत अंतिम दर्शन के लिए रखे गए। ताबूत ईरानी झंडे में लिपटे हैं।
अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के ताबूत अंतिम दर्शन के लिए रखे गए। ताबूत ईरानी झंडे में लिपटे हैं।
तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई के अंतिम संस्कार के तीसरे दिन का कार्यक्रम जारी है।
तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई के अंतिम संस्कार के तीसरे दिन का कार्यक्रम जारी है।
खामेनेई के जनाजे की नमाज के दौरान उमड़ी लाखों लोगों की भीड़।
खामेनेई के जनाजे की नमाज के दौरान उमड़ी लाखों लोगों की भीड़।
तेहरान में गर्मी ज्यादा होने की वजह से जनाजे में शामिल लोगों पर पानी के छिड़काव की व्यवस्था की गई।
तेहरान में गर्मी ज्यादा होने की वजह से जनाजे में शामिल लोगों पर पानी के छिड़काव की व्यवस्था की गई।

1. अंतिम संस्कार में 100 ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंचे: अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए।

2. तेहरान में अभूतपूर्व सुरक्षा और लोगों के लिए विशेष इंतजाम: अंतिम संस्कार को देखते हुए सेना और पुलिस की भारी तैनाती की गई। मेट्रो और सरकारी बसें मुफ्त रहीं, होटलों में 50% तक छूट दी गई, 5,000 से ज्यादा स्कूलों में ठहरने की व्यवस्था की गई और दूसरे शहरों से विशेष ट्रेनें चलाई गईं।

3. खामेनेई की अंतिम यात्रा 5 शहरों से गुजरेगी: अंतिम यात्रा तेहरान से शुरू होकर कोम, इराक के करबला और नजफ होते हुए 9 जुलाई को मशहद पहुंचेगी, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

4. ईरान ने अमेरिका से बातचीत रोकी, परमाणु ठिकानों के निरीक्षण से भी इनकार: अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका-ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता फिलहाल रोक दी गई है। साथ ही ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

ट्रम्प का दावा- ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी: ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने मानवीय आधार पर ईरान को अंतिम संस्कार पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद ईरान को अमेरिकी शर्तें माननी होंगी।

खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडे्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

खामेनेई की 14 महीने की पोती को अंतिम विदाई दी गई

खामेनेई के अंतिम संस्कार में उनकी 14 महीने की पोती ज़हरा मोहम्मदी गोलपायगानी को भी अंतिम विदाई दी गई। जनाजे की नमाज के दौरान जहरा का छोटा ताबूत खामेनेई के ताबूत के पास रखा गया। दोनों के लिए एक साथ अंतिम नमाज अदा की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को हुए अमेरिकी-इजराइली हमले में जहरा की मां बोशरा खामेनेई की भी मौत हो गई थी। जनाजे की नमाज में जहरा के पिता मोहम्मद जवाद मोहम्मदी गोलपायगानी भी मौजूद रहे।

खामेनेई की पोती का ताबूत ग्रैंड मोसल्ला पहुंचा

अयातुल्लाह अली खामेनेई की पोती का ताबूत रविवार को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला पहुंचा, जहां अंतिम नमाज अदा की गई।

इमाम रजा की दरगाह खास क्यों है जहां खामेनेई को दफनाया जाएगा?

शिया इस्लाम के आठवें इमाम रजा की दरगाह।
शिया इस्लाम के आठवें इमाम रजा की दरगाह।

शिया संप्रदाय के कुल 12 पवित्र इमामों में से इमाम रजा एकमात्र ऐसे इमाम हैं जिन्हें ईरान की धरती पर दफनाया गया है। बाकी के सभी इमाम या तो सऊदी अरब (मदीना) में हैं या इराक (नजफ, करबला, सामर्रा) में।

इमाम रजा शिया इस्लाम के आठवें इमाम माने जाते हैं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता से डरकर तत्कालीन शासक अब्बासी खलीफा ने जहर देकर हत्या करा दी थी।

जहां इमाम रजा को दफनाया गया, उस जगह का नाम बाद में ‘मशहद’ (शहीद होने की जगह) पड़ गया, जो आज ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। मशहद शिया मुसलमानों के लिए मक्का, मदीना और करबला के बाद सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। यहां हर साल दुनिया के कई देशों से लाखों शिया श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

खामेनेई का ताबूत तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला पहुंचा

खामेनेई का ताबूत रविवार को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला पहुंचा, जहां लाखों लोगों की मौजूदगी में अंतिम नमाज अदा की गई।

कड़ी सुरक्षा के बीच ताबूत को समारोह स्थल लाया गया। बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।

खामेनेई के जनाजे में तीन बेटे पहुंचे, मुजतबा दूर रहे

अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में रविवार को उनके तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा शामिल हुए। उनके साथ रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के कमांडर अहमद वाहिदी भी मौजूद रहे।

हालांकि खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई समारोह से दूर रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल से जान का खतरा होने के कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लिया।

ईरान का ट्रम्प को जवाब- खामेनेई को मारकर उनकी सोच और फैला दी

ईरानी लीडरशिप को खत्म करने वाले ट्रम्प के बयान पर ईरान ने पलटवार किया है। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं। आपने अयातुल्लाह अली खामेनेई को मारकर उनकी सोच को और फैला दिया।”

दूतावास ने आगे लिखा, “आप इन बातों को नहीं समझ सकते, क्योंकि आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान।”

ट्रम्प बोले- एक हमले में ईरानी लीडरशिप खत्म कर सकते थे

ट्रम्प ने कहा है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक जगह मौजूद है और अमेरिका चाहे तो एक ही हमले में सभी को खत्म कर सकता है।

एक्सिओस को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा, “वे सभी वहां मौजूद हैं। एक ही हमले में हम सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।”

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहे, इसलिए ऐसा कदम नहीं उठाया जा रहा है।