मिडिल-ईस्ट के 5 देशों पर ईरान ने हमला किया:अमेरिकी अटैक के जवाब में कार्रवाई; US ने ईरान के 140 ठिकानों पर बम गिराए

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TIO तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी

तस्वीर ईरान के बुशहर में दयायर पोर्ट पर हुए हमले की है। - Dainik Bhaskar

तस्वीर ईरान के बुशहर में दयायर पोर्ट पर हुए हमले की है।

अमेरिका की एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने मिडिल-ईस्ट में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रविवार को ईरान ने 5 देशों जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर और UAE में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

इससे पहले अमेरिका ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर बमबारी की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह बमबारी होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर ईरान के हमले के बाद की गई। जहाज में आग लग गई, इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया।

इसके बाद ईरान ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस, कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और रडार साइट, बहरीन में अमेरिकी सैन्य संचार केंद्र, जबकि कतर और UAE की ओर भी मिसाइल और ड्रोन दागे।

इसके अलावा ईरान ने अगले आदेश तक होर्मुज को बंद करने का ऐलान भी किया है। साथ ही कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स

  1. ईरान के नए सुप्रीम लीडर बोले- पिता की मौत का बदला लेंगे: अली खामेनेई के निधन के बाद पहली बार नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि अपने पिता और युद्ध में मारे गए लोगों के खून का बदला लिया जाएगा।
  2. CNN का दावा- ईरान ने परमाणु ठिकानों को दोबारा बनाना शुरू किया: CNN ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया कि ईरान पारचिन समेत कुछ न्यूक्लियर साइट्स की मरम्मत और दोबारा निर्माण कर रहा है। रिपोर्ट में इसे अमेरिका-ईरान MoU का संभावित उल्लंघन बताया गया।
  3. ईरानी विदेश मंत्री बोले- अमेरिका समझौता तोड़ रहा: विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका खुद MoU का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि समझौता तभी चलेगा, जब दोनों पक्ष उसका पालन करें।
  4. ट्रम्प की ईरान को सबसे बड़े हमले की चेतावनी: डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की कोशिश की, तो अमेरिका हजारों मिसाइलों से जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।

ईरान ने जॉर्डन पर 3 मिसाइलें दागीं

ईरान ने रविवार तड़के जॉर्डन पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के मुताबिक, तीनों मिसाइलें अलग-अलग जगह गिरीं। इनमें कोई हताहत नहीं हुआ और केवल मामूली संपत्ति का नुकसान हुआ है।

इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया था कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। ईरान का कहना है कि इस हमले में एयरबेस का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और MQ-9 ड्रोन रखने वाले हैंगर नष्ट कर दिए गए।

होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है?

  • दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई इसी स्ट्रेट से होती है। इसलिए यहां रुकावट का मतलब वैश्विक तेल सप्लाई पर सीधा असर है।
  • कतर समेत खाड़ी देशों की करीब 20% LNG (प्राकृतिक गैस) भी इसी रास्ते से दुनिया तक पहुंचती है।

होर्मुज पर क्यों पकड़ चाहता है ईरान

ईरान बोला- होर्मुज स्ट्रेट पर फैसला हम और ओमान करेंगे

ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही से जुड़े भविष्य के फैसले केवल ईरान और ओमान की आपसी सलाह से होने चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि शनिवार को मस्कट में दोनों देशों के कानूनी और तकनीकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई।

बघाई ने कहा कि बैठक में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और दोनों देशों के संप्रभु अधिकारों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय कानून और अमेरिका-ईरान के बीच हुए MoU के दायरे में होनी चाहिए।

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे से उठा धुआं

ईरान के ताजा हमलों के बाद बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे से धुआं उठता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बेस के ऊपर धुएं का गुबार नजर आ रहा है।

इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। वहीं, बहरीन में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया था और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया।

 

ईरानी सेना बोली- अमेरिका समझौते का पालन करे

ईरानी सेना ने अमेरिका से जून में हुए समझौते (MoU) का पालन करने की मांग की है। ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमीनिया ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की दखलअंदाजी और वैकल्पिक समुद्री रास्ता बनाने की कोशिश से इलाके में असुरक्षा बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि ईरान की सेना होर्मुज स्ट्रेट में देश के अधिकारों की पूरी मजबूती से रक्षा करेगी।

होर्मुज स्ट्रेट से जंग क्यों बढ़ी? 5 पॉइंट में समझिए पूरा विवाद

1. विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर हमला किया। इसमें जहाज में आग लग गई, इंजन को नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। ईरान का कहना है कि जहाज तय रूट छोड़कर जा रहा था, इसलिए उस पर कार्रवाई की गई।

2. अमेरिका ने जवाब में क्या किया?

जहाज पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर तीसरे दौर की एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस अभियान में करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें बुशहर, असालुयेह, जास्क, चाबहार और अन्य सैन्य ठिकाने शामिल थे।

3. ईरान ने कैसे पलटवार किया?

ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत, बहरीन, कतर, UAE और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। कतर और बहरीन में मिसाइल अलर्ट जारी हुआ, जबकि UAE ने भी ड्रोन और मिसाइल खतरे की चेतावनी दी।

4. होर्मुज स्ट्रेट पर टकराव क्यों है?

अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट सभी जहाजों के लिए बिना रोक-टोक खुला रहे। दूसरी ओर ईरान कह रहा है कि जब तक अमेरिकी दखल जारी रहेगा, स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण रहेगा और जरूरत पड़ने पर जहाजों को रोका जाएगा।

5. अब आगे क्या होगा?

तनाव के बीच ओमान दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अमेरिका ने साफ कहा है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल नहीं होती, तब तक आगे की बातचीत मुश्किल है। दूसरी ओर ईरान भी साफ कर चुका है कि वह अपने रुख से पीछे हटने वाला नहीं है।

ईरान बोला- एकतरफा समझौतों का दौर खत्म

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अब एकतरफा समझौतों का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हमने पहले ही कहा था- वादा निभाओ, नहीं तो कीमत चुकाओ।” गालिबाफ ने आगे लिखा, “अब हकीकत सामने है।”

उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ अमेरिका-ईरान MoU के अनुच्छेद-5 की तस्वीर भी शेयर की। यह अनुच्छेद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने से जुड़ा है। इसी मुद्दे पर दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ने के बाद हाल के दिनों में सैन्य टकराव तेज हो गया है।

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक और जहाज पर हमला किया

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में एक और जहाज पर हमला कर उसे रोक दिया है। IRGC ने जहाज को ‘नियमों का उल्लंघन करने वाला’ बताया, लेकिन उसका नाम और किस देश का था, इसकी जानकारी नहीं दी।

IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले जारी रहे, तो ईरान का जवाब पहले से कहीं ज्यादा विनाशकारी होगा।

ईरान ने कतर, कुवैत और बहरीन पर हमला किया

अमेरिका की एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने UAE, कतर और बहरीन को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। वहीं कतर और UAE में मिसाइल-ड्रोन हमले की चेतावनी के बाद अलर्ट जारी किया गया।

AP के मुताबिक, कतर में कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद मिसाइल अलर्ट बजाया गया। बहरीन में भी सायरन बजे। यहां अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा तैनात है।

वहीं, UAE ने भी संभावित मिसाइल और ड्रोन हमले की चेतावनी जारी की। हालांकि वहां किसी हमले या नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।