CJP का प्रदर्शन कल, पुलिस ने कहा- परमिशन नहीं:दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें रद्द; 57 मेट्रो स्टेशन बंद, पुलिस ने 10 डिटेंशन सेंटर बनाए

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TIO नई दिल्ली

 

कॉकरोच जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में 2 अक्टूबर को मुंबई और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में प्रदर्शन किया था। - Dainik Bhaskar
कॉकरोच जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में 2 अक्टूबर को मुंबई और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में प्रदर्शन किया था।

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कल होने वाले प्रदर्शन को पुलिस ने मंजूरी नहीं दी। पुलिस की तरफ से कहा गया कि प्रदर्शन की जानकारी देर से दी गई।

इस बीच, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें कल कैंसिल रहेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे ने इन ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही कैंसिल कर दिया है।

दरअसल, CJP और लेफ्ट संगठनों ने देशभर में समर्थकों को हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने और 10 डिटेंशन सेंटर बनाने का फैसला लिया है।

इससे पहले गुरुवार रात कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि पुणे के छात्रों को दिल्ली जाते समय बीच रास्ते में हिरासत में लिया गया। उन्हें बस से अज्ञात जगह ले जाया गया। वहीं, CJP ने मध्य प्रदेश का एक वीडियो भी साझा किया। इसमें चलती बस में युवाओं को दिखाया गया है। एक युवक ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात कही।

पुलिस पुलिस का आदेश- शनिवार को 57 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे

दिल्ली पुलिस बोली- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं

दिल्ली पुलिस की जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसा ने कहा कि जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन की परमिशन नहीं दी गई है। गाइडलाइन के मुताबिक, प्लान्ड प्रोटेस्ट के लिए 10 दिन पहले सूचना देनी होती है। वहां पर BNSS की धारा 163 लागू है यानी 5 लोग नहीं जुट सकते। अगर इसका पालन नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।

होटल रजिस्टर और पहचान की जांच कर रही पुलिस

होटलों में रिकॉर्ड की जांच- दिल्ली पुलिस होटलों और गेस्ट हाउसों में जाकर रजिस्टर चेक कर रही है। वहां ठहरे मेहमानों की आईडी और जानकारियों की बारीकी से पड़ताल हो रही है।

8 से 11 अक्टूबर वालों पर नजर- संदिग्ध लगने वाले मेहमानों से सीधे पूछताछ की जा रही है। खास तौर पर 8 से 11 अक्टूबर के बीच रुकने वालों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

युवाओं के ग्रुप से पूछताछ- ग्रुप में आए लोगों पर खास नजर है। खासकर 20 से 30 साल के युवाओं से पूछा जा रहा है कि वे दिल्ली किस काम से आए हैं।

कमरा किसी और का, ठहरा कोई और- अगर कमरा किसी और ने बुक कराया है और रुका कोई दूसरा है, तो ऐसे मामलों की कड़ी जांच हो रही है। होटल रजिस्टर से असली आईडी मिलाई जा रही है।

बसों और रास्तों पर पहरा- बस ऑपरेटरों और उनकी बुकिंग पर नजर रखी जा रही है, ताकि नई दिल्ली की तरफ लोगों की भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके।

स्टेशनों और एयरपोर्ट पर चेकिंग- रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट के आसपास भी बड़े ग्रुप्स में आने वाले लोगों पर पुलिस सख्त नजर रख रही है।

दीपके का आरोप- प्रदर्शन से पहले लोगों को हिरासत में ले रहे

अभिजीत दीपके ने बेंगलुरु में प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा- सत्ता आपके पास हो सकती है, लेकिन सड़कें हमारी हैं। यहीं से हम अपना लोकतंत्र वापस लेंगे।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने लिखा- मोदी को लगता है कि लोगों को जेल में डालकर विरोध की आवाज को दबाया जा सकता है। जितने ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जाएगा, उतने ही ज्यादा लोग प्रदर्शन में शामिल होंगे।

10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच पार्टी 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करेगी। दीपके ने 2 अक्टूबर की रात एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देशभर से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे।

उन्होंने यह भी कहा था कि अगर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोका, तो जहां उन्हें रोका जाएगा, वहीं पर जंतर-मंतर बनेगा

दावा- SIR को लेकर चुनाव आयुक्तों ने उठाए सवाल

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। दोनों ने आरोप लगाया कि कुछ फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना लिए गए। इन आपत्तियों की कॉपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और दोबारा बहाल करने की प्रक्रिया के साथ-साथ चुनावी डेटा और उसे संभालने वाले सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए थे। एक मामले में वोटर बनने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़े जाने पर भी आपत्ति जताई गई थी।

दोनों आयुक्तों ने चुनावी रोल के सॉफ्टवेयर और डेटा तक पहुंच को लेकर भी चिंता जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इस मामले में कैबिनेट सचिव को भी पत्र लिखा था। इसके अलावा, काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश पर भी दोनों ने आपत्ति दर्ज की थी और इसे नियमों का उल्लंघन बताया था

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 7 बड़े प्रदर्शन

2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक देशभर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए 7 बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं।

SFI ने कहा- हमारे भी कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए

लेफ्ट छात्र संगठन SFI ने कहा, “पुलिस SFI और अन्य लोकतांत्रिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के घर जा रही है। उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और परिवारों को डराया जा रहा है।”

SFI ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों में उसका सहारनपुर जिला संयोजक आरिफ भी शामिल है। ऑल इंडिया किसान सभा के नेता दाऊद राव को भी हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।