नई दिल्ली: कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की साझा सरकार पर संकट के बादल दिख रहे हैं. बजट और कई दूसरे मुद्दे पर दोनों पार्टियों में मतभेद हैं. बढ़ते मतभेद के बीच रविवार को कांग्रेस और जेडीएस के वरिष्ठ नेता बेंगलुरु में बैठेंगे ताकि मतभेद खत्म हो सके. इस बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम को भी आखिरी शक्ल दी जाएगी.
After the crisis in the Karnataka Government, the two parties convened on Sunday
आपको बता दें कि सिद्धरमैया ने एक दिन पहले कहा था कि गठबंधन में आये तनाव के चलते उन्हें संदेह है कि यह सरकार शायद ही अपना कार्यकाल पूरा कर पाए. सिद्धरमैया ने कहा था कि यह (सरकार) तब तक रहेगी जब तक संसदीय चुनाव पूरे नहीं हो जाते. उसके बाद सभी घटनाक्रम होंगे.
वहीं परमेश्वरा ने सिद्धरमैया के इस दावे पर कोपल में संवाददाताओं से कहा कि अध्यक्ष (कांग्रेस की राज्य की इकाई के) के तौर पर मैं यह स्पष्टीकरण दे रहा हूं कि हम पांच साल तक इस सरकार को चलाने के लिए सहमत हुए हैं. अन्य लोग बाहर जो बात कर रहे हैं, वह अप्रासंगिक हैं. उन्होंने कहा , कि बाहरी लोग अलग तरह से बात करते हैं.
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में दोनों पार्टियों के बीच तकरार के अलावा साझा न्यूनतम कार्यक्रम को अंतिम रूप दिए जाने पर बातचीत हो सकती है. गौरतलब है कि समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक कर्नाटक में दो जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से एक दिन पहले बुलाई गई है.
इस समिति के संयोजक और जेडीएस महासचिव कुंवर दानिश अली ने बताया, एक जुलाई को बैठक बुलाई गई है. इसमें साझा न्यूनतम कार्यक्रम को अंतिम रूप देने पर बातचीत होगी. यह पूछे जाने पर कि दोनों पार्टियों के बीच की तकरार पर भी बातचीत होगी तो उन्होंने कहा, गठबंधन सरकार से जुड़े सभी जरूरी मुद्दों पर बातचीत होगी.
हाल के दिनों में दोनों पार्टियों के नेताओं की तरफ से ऐसे बयान आए हैं जिनसे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है. समन्यय समिति की पिछली बैठक 14 जून को हुई थी. पिछले महीने एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनने के बाद दोनों दलों ने पांच सदस्यीय समन्वय एवं निगरानी समिति का गठन किया था. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया इस समिति के चेयरमैन और दानिश अली संयोजक हैं. समिति में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर और कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी केसी वेणुगोपाल भी शामिल हैं.

